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Jammu : चिनाब घाटी और पीर पंजाल में सक्रिय आतंकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बने चुनौती, मजबूत समन्वय जरूरी

Thu, 24 Jul 2025 12:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 24 Jul 2025 12:43 AM IST
सार

जंगलों में छिपे ये आतंकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए हैं। इनके खात्मे के लिए सुरक्षाबल बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चला रहे हैं।

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Jammu: Terrorists active in Chenab Valley and Pir Panjal have become a challenge for security agencies
file pic - फोटो : ANI

विस्तार

पीर पंजाल और चिनाब घाटी क्षेत्र में 40 से 45 आतंकी सक्रिय हैं। जंगलों में छिपे ये आतंकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए हैं। इनके खात्मे के लिए सुरक्षाबल बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चला रहे हैं। चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है, लेकिन इन इलाकों की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां चुनौती बनी हुई हैं।

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सेना की उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने बुधवार को डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिलों की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खात्मे के लिए सुरक्षा एजेंसियां समन्वय मजबूत करें। खुफिया इनपुट तुरंत साझा करें। उन्होंने कहा कि आतंकियों के सफाए के लिए तीनों जिलों में कुछ समय से कई ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
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खासकर बसंतगढ़, छतरू के उच्च पर्वीतय क्षेत्रों में जवान ज्यादा सतर्क हैं। जीओसी ने इन ऑपरेशन की बारीकी से समीक्षा करते हुए आतंकियों के खिलाफ सटीक रणनीति से कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये तीनों जिले चिनाब घाटी में हैं और इसके साथ ही पीर पंजाल का क्षेत्र लगता है। जिसमें राजोरी पुंछ रियासी हैं। इन सभी जगहों पर मिलकर नजर रखनी होगी।
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बता दें कि एक महीने से भी ज्यादा समय से इस क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादियों का पता लगाने के लिए सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीमें अभियान चला रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बसंतगढ़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के खूंखार और बड़े कमांडर मोलवी को मार गिराया था, लेकिन अभी बड़े स्तर पर जैश व लश्कर के आतंकी किश्तवाड़ एवं डोडा के जंगलों में सक्रिय हैं। इनसे समय-समय पर सुरक्षाबलों का संपर्क हो रहा है, लेकिन ये पकड़े में नहीं जा रहे हैं। जीओसी ने सैन्य अधिकारियों से कहा कि वे आतंकियों को घेरने के लिए सटीक रणनीति तैयार करें ताकि आतंकी घेरे जाएं तो वह बाहर न निकल पाएं।

90 फीसदी आतंकी पाकिस्तान के
बता दें कि पीर पंजाल और चिनाब घाटी क्षेत्र में आतंकी सक्रिय हैं। ये आतंकी राजोरी, पुंछ, रियासी, किश्तवाड़, डोडा, रामबन आदि में ऑपरेट कर रहे हैं। इनमें 90 फीसदी आतंकी पाकिस्तान के हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद ये आतंकी सुरक्षाबलों से सीधा संपर्क नहीं कर रहे। इसलिए सेना और अन्य एजेंसियां मिलकर खुद ही इन्हें तलाश कर रही हैं। इसके लिए बड़ा सुरक्षा घेरा बनाया गया है ताकि इन्हें तलाश कर ढेर किया जाए।


12 अप्रैल को किश्तवाड़ में मारे थे तीन जैश आतंकी
किश्तवाड़ में इसी वर्ष 12 अप्रैल को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी मारे थे। अभी 4 दिन पहले रविवार को भी किश्तवाड़ में ही आतंकियों को घेरा गया था, लेकिन ये बच निकले थे।
 

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