जम्मू: सिद्दड़ा में मंदिर में तोड़फोड़ से तनाव, पुलिस ने कई लोग हिरासत में लिए
अराजक तत्वों ने पांच मूर्तियों को खंडित करने के साथ ही दो मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया। मंदिर में बने कमरे के तालों को भी काटने का प्रयास किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जम्मू के सिद्दड़ा के बागे इलाके के लक्ष्मी नृसिंह मंदिर में तोड़फोड़ और मूर्तियों को खंडित करने से उपजे तनाव के बाद मंदिर के आसपास पुलिस का पहरा है। शरारती तत्वों ने बड़े पत्थर से मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया है। इस बीच स्थानीय लोगों से जानकारी हासिल करने के बाद एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही कॉल डिटेल भी खंगाल रही है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर साक्ष्य एकत्र किए हैं। खंडित मूर्तियों को पूरे विधि विधान के साथ तवी नदी में विसर्जित किया गया।
अराजक तत्वों ने पांच मूर्तियों को खंडित करने के साथ ही दो मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया था। मंदिर में बने कमरे के तालों को भी काटने का प्रयास किया गया था। घटना की जानकारी तब मिली जब मंदिर में पूजा-अर्चना व देखभाल करने वाला टेकचंद पहुंचा। उसने मंदिर के महंत नारायण गिरी को सूचित किया। खंडित की गई मूर्तियों में बाबा कालीवीर की दो, भगवान गणेश की एक, शीतला माता और जमुना माता की एक-एक मूर्ति शामिल है।
पहले भी मंदिर में दो बार हो चुकी है चोरी
लक्ष्मी नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना और देखभाल करने वाले टेक चंद ने बताया कि पहले भी मंदिर में दो बार चोरी हो चुकी है। मंदिर के एक कमरे में रखे बर्तन सहित अन्य सामान चोरी हुआ है। इसके साथ ही 51 किलो वजन की घंटी भी चोरी हुई है। पांच साल पहले बाबा कालीवीर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया था।
मंदिर में स्थापित की थी साख
मंदिर के सेवादार हीरा लाल ने बताया कि चैत्र नवरात्र में यहां प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है। इस बार मंदिर में मां की साख लगाई गई थी। नवमी पर कंजक पूजन होना था, लेकिन इससे पहले यह वारदात हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह घटना शर्मनाक है। धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
एसपी सॉउथ ममता शर्मा ने कहा कि घटना स्थल पर पुलिस को तैनात किया गया है। एफएसएल की टीम ने जरूरी सबूत घटना स्थल से जुटा लिए हैं। इसमें हाथों के निशान आदि शामिल है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की गई है। घने जंगल में स्थित मंदिर में ऐसी घटना को किस उद्देश्य के साथ किया गया है इस पर जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। लोगों के बीच किसी तरह का कोई तनाव न बने, इसके लिए मंदिर परिसर पर पुलिस बल को तैनात किया है। - ममता शर्मा, एसपी साउथ
तोड़फोड़ से उबाल, कई जगह धरना-प्रदर्शन
मंदिर में तोड़फोड़ की घटना से लोगों और हिंदुवादी संगठनों में उबाल है। शनिवार को कई जगह विरोध प्रदर्शन कर इसे शहर के शांतिपूर्ण माहौल में खलल डालने की साजिश बताया गया। आक्रोशित लोगों ने सांप्रदायिक माहौल खराब करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की आवाज उठाई गई।