जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर आज चल सकते हैं हलके वाहन
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आईजीपी राजेश कुमार ने कहा कि कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री और अन्य दूसरा सामान सिंथनटाप मार्ग से पहुंचाया जा रहा है।
किश्तवाड़ से रविवार को 35 वाहनों की कानवाई सिंथनमार्ग से राहत सामग्री लेकर अनंतनाग के लिए रवाना होगी। रविवार को जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हलके वाहनों की आवाजाही बहाल होने की उम्मीद है। पंचैरी में एक और शव को बरामद किया गया है।
शनिवार को वायुसेना के दो छोटे और एक बड़े सी 130 एयरक्राफ्ट में शाम तक करीब नौ सौ लोगों को घाटी से निकालकर जम्मू लाया गया।
संभाग में 5-6 स्थानों पर पुलों को अस्थायी तौर पर बहाल करने के लिए सेना से मदद मांगी गई है। यहां शनिवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए आईजी ने बताया कि सिंथनमार्ग से राहत सामग्री को सही सलामत घाटी तक पहुंचाने के लिए किश्तवाड़ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
मार्ग के प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं, जो बारिश या अन्य दूसरी दिक्कतों में सप्लाई को आगे तक पहुंचाने का काम करेंगी। कुकरनाग, सिंथनटाप और किश्तवाड़ में संचार व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है।
पुंछ-राजोरी में लगभग सभी सड़कें बहाल
हाईवे पर रामबन से आगे पैदल चलकर पहुंचने वाले यात्रियों के लिए रास्ते में खाने-पीने के इंतजाम किए जा रहे हैं। पुंछ-राजोरी में लगभग सड़कों को बहाल कर दिया गया है।
उधमपुर, माहौर, डोडा आदि क्षेत्रों में सड़कें बहाल करने के लिए काम चल रहा है। दूरवर्ती बुद्दल, कंडी, माहौर आदि प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकाप्टर से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
पंचैरी में आधुनिक मशीनें नहीं पहुंच पाने के कारण बचाव कार्यों में दिक्कत आ रही है। पुलिस और सेना के दर्जनों जवान शवों को खोजने में जुटे हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने शनिवार को जम्मू, पुंछ और राजोरी के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। पीएमओ एमओएस डा. जितेंद्र सिंह ने उधमपुर-पंचैरी के प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।