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Jammu News: गर्मियां आते ही संभाग में बढ़ने लगे सर्पदंश के मामले
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गर्मियां आते ही संभाग में सर्पदंश यानी कि सांप के काटने के मामले बढ़ने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी माह की अपेक्षा मार्च के महीन में सर्पदंश के सात गुना मामले बढ़े हैं। वहीं, जीएमसी जम्मू में भी प्रतिदिन औसतन दो मरीज आ रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार जनवरी महीने में संभाग के दसों जिलों में सर्पदंश का सिर्फ एक मामला जम्मू जिले में सामने आया। इसी तरह फरवरी में सर्पदंश के दो मामले सांबा जिले से मिले हैं। मार्च में सर्पदंश के सात मामले सामने आए। इनमें दो मामले जम्मू, दो कठुआ और सांबा जिले के तीन मामले थे। डॉक्टरों के अनुसार आने वाले महीने में सर्पदंश के मामले और बढ़ेंगे।
गांधीनगर अस्पताल के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परवीन योगराज ने बताया कि गर्मियों में सांप सक्रिय हो जाते हैं और खेतों, झाड़ियों व घरों के आसपास आ जाते हैं।
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सर्पदंश का इलाज अस्पताल में ही संभव है। जहां मरीज को एंटीवेनम (जहर की दवा) दी जाती है। इसलिए किसी भी मरीज को किसी हकीम या देशी डॉक्टर के पास ले जाना सुरक्षित नहीं है।
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जम्मू। गर्मियां आते ही संभाग में सर्पदंश यानी कि सांप के काटने के मामले बढ़ने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी माह की अपेक्षा मार्च के महीन में सर्पदंश के सात गुना मामले बढ़े हैं। वहीं, जीएमसी जम्मू में भी प्रतिदिन औसतन दो मरीज आ रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार जनवरी महीने में संभाग के दसों जिलों में सर्पदंश का सिर्फ एक मामला जम्मू जिले में सामने आया। इसी तरह फरवरी में सर्पदंश के दो मामले सांबा जिले से मिले हैं। मार्च में सर्पदंश के सात मामले सामने आए। इनमें दो मामले जम्मू, दो कठुआ और सांबा जिले के तीन मामले थे। डॉक्टरों के अनुसार आने वाले महीने में सर्पदंश के मामले और बढ़ेंगे।
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गांधीनगर अस्पताल के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परवीन योगराज ने बताया कि गर्मियों में सांप सक्रिय हो जाते हैं और खेतों, झाड़ियों व घरों के आसपास आ जाते हैं।
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सर्पदंश का इलाज अस्पताल में ही संभव है। जहां मरीज को एंटीवेनम (जहर की दवा) दी जाती है। इसलिए किसी भी मरीज को किसी हकीम या देशी डॉक्टर के पास ले जाना सुरक्षित नहीं है।