{"_id":"661307b2f87c914416068fd7","slug":"jammu-smart-city-houce-numbering-jammu-news-c-10-jam1008-336253-2024-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: जल्द मिलेगा घरों को ढूंढने की झंझट से छुटकारा, शहर में हाउस नंबरिंग का 70 फीसदी काम पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: जल्द मिलेगा घरों को ढूंढने की झंझट से छुटकारा, शहर में हाउस नंबरिंग का 70 फीसदी काम पूरा
विज्ञापन
जुलाई तक काम पूरा करने का लक्ष्य, घरों के बाहर लग रहीं क्यूआर कोड प्लेट, मात्र 20 वार्डों में होना है काम
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहरभर में हाउस नंबरिंग पर काम 70 फीसदी पूरा हो चुका है। शेष काम को जुलाई तक समेटने का लक्ष्य स्मार्ट सिटी ने रखा है। मौजूदा समय में 75 वार्डों में से 55 में क्यूआर कोड आधारित प्लेट लग चुकी हैं। इसमें घर मालिक का नाम और पता दर्ज है। काम पूरा होने के बाद शहर में किसी के भी पत्ते पर पहुंचाना आसान होगा।
पहले शहर में हाउस नंबर नहीं थे, जिस कारण लोगों पता खोजने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। 2016 में कुछ घरों में नंबरिंग हुई, मगर बाद में काम रुक गया। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 2021 में सर्वे के बाद अप्रैल 2023 में काम शुरू हुआ था, जिसके बाद अब तक 55 वार्डों में काम क्यूआर कोड आधारित नंबर प्लेट लगाई जा चुकी हैं। नगर निगम ने भी शहरभर में मकान मालिकों का रिकार्ड मेन्टेन कर लिया है। इसमें घरों की स्थिति जैसे कितने मंजिला है, कामर्शियल या फिर घरेलू इस्तेमाल में है। नंबरिंग पर काम जुलाई में पूरा होने के बाद तमाम घर आनलाइन जुड़ जाएंगे। इंटरनेट के माध्यम से भी पत्तों की तलाश की जा सकेगी।
अब नंबर के हिसाब से जानी जाती हैं गलियां
पहली बार गलियों को भी नंबर मिले हैं। गली नंबर भी क्यूआर कोड प्लेट में अंकित है। पहले गलियों को प्रसिद्ध मंदिरों, व्यक्ति या मोहल्ले के नाम से जाना जाता था। अब नंबर मिलने से गलियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
हाउस नंबरिंग पर जुलाई तक काम पूरा कर लिया जाएगा। 55 वार्डों में काम हो चुका है। अन्य वार्डों में तेज गति से काम करवाया जाएगा। घरों के पत्ते आनलाइन भी चेक किए जा सकेंगे। घरों के बाहर भी नंबर प्लेट लगाई गईं हैं।
- जेपी सिंह, महाप्रबंधक, स्मार्ट सिटी परियोजना, जम्मू
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहरभर में हाउस नंबरिंग पर काम 70 फीसदी पूरा हो चुका है। शेष काम को जुलाई तक समेटने का लक्ष्य स्मार्ट सिटी ने रखा है। मौजूदा समय में 75 वार्डों में से 55 में क्यूआर कोड आधारित प्लेट लग चुकी हैं। इसमें घर मालिक का नाम और पता दर्ज है। काम पूरा होने के बाद शहर में किसी के भी पत्ते पर पहुंचाना आसान होगा।
पहले शहर में हाउस नंबर नहीं थे, जिस कारण लोगों पता खोजने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। 2016 में कुछ घरों में नंबरिंग हुई, मगर बाद में काम रुक गया। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 2021 में सर्वे के बाद अप्रैल 2023 में काम शुरू हुआ था, जिसके बाद अब तक 55 वार्डों में काम क्यूआर कोड आधारित नंबर प्लेट लगाई जा चुकी हैं। नगर निगम ने भी शहरभर में मकान मालिकों का रिकार्ड मेन्टेन कर लिया है। इसमें घरों की स्थिति जैसे कितने मंजिला है, कामर्शियल या फिर घरेलू इस्तेमाल में है। नंबरिंग पर काम जुलाई में पूरा होने के बाद तमाम घर आनलाइन जुड़ जाएंगे। इंटरनेट के माध्यम से भी पत्तों की तलाश की जा सकेगी।
विज्ञापन
अब नंबर के हिसाब से जानी जाती हैं गलियां
पहली बार गलियों को भी नंबर मिले हैं। गली नंबर भी क्यूआर कोड प्लेट में अंकित है। पहले गलियों को प्रसिद्ध मंदिरों, व्यक्ति या मोहल्ले के नाम से जाना जाता था। अब नंबर मिलने से गलियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
हाउस नंबरिंग पर जुलाई तक काम पूरा कर लिया जाएगा। 55 वार्डों में काम हो चुका है। अन्य वार्डों में तेज गति से काम करवाया जाएगा। घरों के पत्ते आनलाइन भी चेक किए जा सकेंगे। घरों के बाहर भी नंबर प्लेट लगाई गईं हैं।
- जेपी सिंह, महाप्रबंधक, स्मार्ट सिटी परियोजना, जम्मू