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Jammu News: घाटी में लोगों का विदेशी दौरों पर सुरक्षाबलों की नजर
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल प्रदेशवासियों की जनगणना कर रहे हैं। इस गनगणना में लोगों के नाम, फोन नंबरों के साथ परिवार किसी न किसी तरह का आतंकवादी संबंध, विदेशी दौरा को ब्योरा जुटाने के साथ-साथ संपत्ति का अक्षांश-देशांतर विवरण, परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और क्या घर में कोई मुठभेड़ हुई है आदि शामिल है।
बीते एक सप्ताह से पुलिस श्रीनगर के प्रत्येक घर में जनगणना फॉर्म और विलेज एक्स रे नामक एक दस्तावेज़ वितरित कर रही है। सेना और सीएपीएफ को कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग में अपने कार्यक्षेत्र के प्रत्येक घर से इस तरह का विवरण एकत्र करने का काम सौंपा गया है। फॉर्म में आतंकी संबंध, मुठभेड़, विदेश में बसे परिवार के सदस्य, विदेश यात्रा, घर की तस्वीर, परिवार के मुखिया की तस्वीर, परिवार के अन्य सदस्यों की तस्वीर, वाहन पंजीकरण संख्या, आधार नंबर, मोबाइल नंबर आदि जैसे अनुभाग हैं।
निवासियों को फॉर्म भरकर जल्द से जल्द नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा करने के लिए कहा गया है। एक सरकारी सूत्र ने बताया कि संपत्ति के नुकसान को कम करने और मुठभेड़, कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने में स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए इस तरह के विवरण एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों के पास सटीक विवरण हों। सेना ने अभ्यास पहले ही पूरा कर लिया है। कश्मीर घाटी में इस तरह का डेटा जुटाने का काम एक दशक से अधिक समय से चल रहा है। 21 दिसंबर को जम्मू के पुंछ-राजौरी इलाके में हुई घटना के मद्देनजर आया है इस पहल को फिर से शुरू किया गया है।
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल प्रदेशवासियों की जनगणना कर रहे हैं। इस गनगणना में लोगों के नाम, फोन नंबरों के साथ परिवार किसी न किसी तरह का आतंकवादी संबंध, विदेशी दौरा को ब्योरा जुटाने के साथ-साथ संपत्ति का अक्षांश-देशांतर विवरण, परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और क्या घर में कोई मुठभेड़ हुई है आदि शामिल है।
बीते एक सप्ताह से पुलिस श्रीनगर के प्रत्येक घर में जनगणना फॉर्म और विलेज एक्स रे नामक एक दस्तावेज़ वितरित कर रही है। सेना और सीएपीएफ को कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग में अपने कार्यक्षेत्र के प्रत्येक घर से इस तरह का विवरण एकत्र करने का काम सौंपा गया है। फॉर्म में आतंकी संबंध, मुठभेड़, विदेश में बसे परिवार के सदस्य, विदेश यात्रा, घर की तस्वीर, परिवार के मुखिया की तस्वीर, परिवार के अन्य सदस्यों की तस्वीर, वाहन पंजीकरण संख्या, आधार नंबर, मोबाइल नंबर आदि जैसे अनुभाग हैं।
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निवासियों को फॉर्म भरकर जल्द से जल्द नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा करने के लिए कहा गया है। एक सरकारी सूत्र ने बताया कि संपत्ति के नुकसान को कम करने और मुठभेड़, कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने में स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए इस तरह के विवरण एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों के पास सटीक विवरण हों। सेना ने अभ्यास पहले ही पूरा कर लिया है। कश्मीर घाटी में इस तरह का डेटा जुटाने का काम एक दशक से अधिक समय से चल रहा है। 21 दिसंबर को जम्मू के पुंछ-राजौरी इलाके में हुई घटना के मद्देनजर आया है इस पहल को फिर से शुरू किया गया है।
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