कोरोना का असर: जम्मू रिंग रोड का काम सुस्त, दिसंबर 2021 में काम पूरा करने का है लक्ष्य
करीब 50 किलोमीटर लंबी जम्मू रिंग रोड परियोजना को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने छह चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अभी तक केवल कोट भलवाल से अखनूर रोड तक एक चरण का काम ही पूरा हो पाया है। पांच चरणों का काम पूरा होना बाकी है।
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भारत माला परियोजना के तहत जम्मू में निर्माणाधीन रिंग रोड का काम कोरोना महामारी की वजह से सुस्त पड़ गया है। ऐसे में निर्धारित समयावधि के भीतर इस परियोजना के पूरा होने पर भी संशय बन गया है।
सरकार ने 31 दिसंबर, 2021 तक इस परियोजना को पूरा करने के लिए नेेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया के लिए समय सीमा निर्धारित की हुई है। करीब 2024 करोड़ की अनुमानित राशि से तैयार हो रही इस परियोजना की आधारशिला 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी और तीन साल में परियोजना पर काम पूरा करने की घोषणा की थी।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे से आने वाले बड़े वाहन जम्मू की आंतरिक सड़कों पर आने के बजाय रिंग रोड से होते हुए जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर पहुंचेंगे। इससे जम्मू की अन्य सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
कोरोना महामारी के कारण परियोजना का कार्य सुस्त पड़ गया है, इसके लिए अब निर्माण सामग्री भी नहीं मिल पा रही है, मजदूरों की भी कमी चल रही है। -पीएस जादो, परियोजना अधिकारी, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया
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