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सरकार की वादाखिलाफी से जनता त्रस्त : प्रीतम
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बिजली आपूर्ति हो रही बार-बार बाधित, लोगों को आ रही समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। क्रांति दल जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष प्रीतम शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने चुनाव के समय जो वादे किए थे, वह अभी तक खोखले साबित हुए हैं। लोग बिजली संकट से परेशान हैं। कोई समाधान नहीं हो रहा हे। पहले जहां बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से होती थी, वहां अब प्रतिदिन छह से सात घंटे की कटौती हो रही है।
इससे छात्र, व्यापारी और आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। शहर में पीने के पानी की आपूर्ति भी प्रभावित है। सरकार ने वादा किया था कि 24 घंटे बिजली और पानी उपलब्ध कराया जाएगा। पाइपलाइन लीकेज की समस्या और जलापूर्ति बाधित होने के कारण जिन क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच पाता था, वहां पहले टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाता था।
लेकिन, वर्तमान सरकार ने इस सेवा को भी पूरी तरह से बंद कर दिया है। अब पानी लेने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए मोबाइल ऐप के माध्यम से 300 रुपये शुल्क अदा करना पड़ रहा है। सरकार ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली और नियमित जलापूर्ति का वादा किया था। इस पर कुछ नहीं हुआ। लोगों को पेश आ रही समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। क्रांति दल जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष प्रीतम शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने चुनाव के समय जो वादे किए थे, वह अभी तक खोखले साबित हुए हैं। लोग बिजली संकट से परेशान हैं। कोई समाधान नहीं हो रहा हे। पहले जहां बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से होती थी, वहां अब प्रतिदिन छह से सात घंटे की कटौती हो रही है।
इससे छात्र, व्यापारी और आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। शहर में पीने के पानी की आपूर्ति भी प्रभावित है। सरकार ने वादा किया था कि 24 घंटे बिजली और पानी उपलब्ध कराया जाएगा। पाइपलाइन लीकेज की समस्या और जलापूर्ति बाधित होने के कारण जिन क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच पाता था, वहां पहले टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाता था।
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लेकिन, वर्तमान सरकार ने इस सेवा को भी पूरी तरह से बंद कर दिया है। अब पानी लेने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए मोबाइल ऐप के माध्यम से 300 रुपये शुल्क अदा करना पड़ रहा है। सरकार ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली और नियमित जलापूर्ति का वादा किया था। इस पर कुछ नहीं हुआ। लोगों को पेश आ रही समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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