फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu: Omar-Mehbooba claimed house arrest

Srinagar : उमर-महबूबा ने किया नजरबंदी का दावा, एलजी और पुलिस ने बताया निराधार

Tue, 12 Dec 2023 06:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Tue, 12 Dec 2023 06:10 AM IST
सार

हालांकि, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पुलिस ने कहा कि किसी को भी नजरबंद या गिरफ्तार नहीं किया गया है।

विज्ञापन
Jammu: Omar-Mehbooba claimed house arrest
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती - फोटो : एजेंसी

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को दावा किया कि संविधान के अनुच्छेद-370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय के फैसले से पहले उन्हें नजरबंद कर दिया गया था। हालांकि, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पुलिस ने कहा कि किसी को भी नजरबंद या गिरफ्तार नहीं किया गया है।

विज्ञापन


पीडीपी ने सोशल मीडिया पर लिखा, सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुनाए जाने से पहले ही, पुलिस ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के आवास के दरवाजे सील कर दिए हैं और उन्हें अवैध रूप से नजरबंद कर दिया है। पार्टी ने दावा किया कि यहां शेर-ए-कश्मीर पार्क के पास पीडीपी मुख्यालय को भी पुलिस ने सील कर दिया है। इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के एक नेता ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के आवास के मुख्य द्वार पर सुबह पुलिस ने ताला लगा दिया था। 
विज्ञापन


एलजी को पता नहीं उनकी पुलिस क्या कर रही : उमर
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि किसी की भी नजरबंदी या गिरफ्तारी की खबर पूरी तरह से निराधार है। वहीं, पुलिस ने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति नजरबंद नहीं है। श्रीनगर पुलिस ने एक पोस्ट में लिखा, किसी भी व्यक्ति को नजरबंद नहीं किया गया है। हालांकि, एलजी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि या तो एलजी बेईमान हो रहे हैं या पुलिस उनसे स्वतंत्र होकर काम कर रही है। उमर अब्दुल्ला ने पोस्ट में लिखा, प्रिय श्री एलजी, ये जंजीरें जो मेरे गेट पर लगाई गई हैं, वे मैंने नहीं लगाई हैं तो आप अपने पुलिस बल द्वारा किए गए कृत्य से इन्कार क्यों कर रहे हैं? यह भी संभव है कि आपको पता भी न हो कि आपकी पुलिस क्या कर रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गुपकार पर उमर के आवास पर एकत्र होने की अनुमति नहीं... इस बीच पुलिस ने पत्रकारों को भी गुपकार स्थित उमर के आवास के पास इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी। गुपकार रोड के एंट्री पॉइंट्स पर पुलिस कर्मियों की एक टीम तैनात की गई थी और पत्रकारों को नेकां नेताओं के आवास के आसपास कहीं भी जाने की अनुमति नहीं थी। 

गिरफ्तारी का आदेश नहीं, आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं... राजनेताओं के इस वाद विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा, यह स्पष्ट करना है कि पुलिस के पास किसी भी प्रकार की गिरफ्तारी का कोई आदेश नहीं है और निश्चित रूप से शीर्ष अदालत द्वारा अनुच्छेद 370 सहित अदालती कार्यवाही से जुड़ा नहीं है। किसी भी आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है। विभिन्न सार्वजनिक निकायों की ओर से निर्धारित परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जा रही हैं, व्यवसाय खुले हैं और परिवहन चल रहा है। 

फैसले के बाद लोन निराश, उमर दुखी
अनुच्छेद-370 के प्रावधान निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद विभिन्न दलों के नेताओं ने निराशा जाहिर की। किसी ने इस पर दुख जताया तो किसी ने कहा, उन्हें फिर न्याय नहीं मिला। जानते हैं किसने क्या कहा। 

जम्मू-कश्मीर के लोगों को फिर नहीं मिला न्याय
फैसला निराशाजनक है। जम्मू-कश्मीर के लोगों को एक बार फिर न्याय नहीं मिला है। 2024 में विधानसभा चुनाव कराने और जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने का आदेश दिया गया है। आशा करते हैं कि भविष्य में न्याय अपनी दिखावे की नींद से जाग उठेगा।
-सज्जाद गनी लोन, पीपुल्स कान्फ्रेंस (पीसी) के प्रमुख

दुखी हूं...हमारा संघर्ष जारी रहेगा
फैसले से दुखी हूं। हमारा संघर्ष जारी रहेगा। अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को निरस्त करने में भाजपा को दशकों लग गए। फैसले के बाद हम भी लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं।  जम्मू-कश्मीर के लिए संघर्ष आगे बढ़ाएंगे। दिल ना उम्मीद तो नहीं, नाकाम ही तो है। लंबी है गम की शाम मगर शाम ही तो है। 

-उमर अब्दुल्ला, नेशनल कान्फ्रेंस के उपाध्यक्ष

फैसला मौत की सजा : महबूबा
सुप्रीम कोर्ट का फैसला ‘मौत की सजा से कम नहीं’ है। संसद में हुए एक असांविधानिक और गैरकानूनी कृत्य को वैध घोषित कर दिया गया। यह न केवल जम्मू-कश्मीर के लिए, बल्कि भारत के विचार के लिए मौत की सजा से कम नहीं है। 
-महबूबा मुफ्ती, अध्यक्ष, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed