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ये दाग हैं ठगी के: जम्मू में बेस्ट क्वालिटी का स्टिकर चिपका कर बेचा जा रहा खराब सेब

Mon, 11 Sep 2023 11:26 AM IST
kumar गुलशन कुमार अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Mon, 11 Sep 2023 11:26 AM IST
सार

जम्मू में कश्मीरी सेब की मिठास की आड़ में बड़े स्तर पर खराब सेब बेचा जा रहा है। एक 30 पैसे का बेस्ट क्वालिटी का स्टिकर लगा पेड़ों से नीचे गिरे, ओलों के निशान वाले दागी सेब बेचे जा रहे हैं।

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jammu news: Bad apples being sold in Jammu by pasting stickers of best quality of kashmir
सेब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कश्मीरी सेब की मिठास का हर कोई दीवाना है। देश-विदेश में इसकी मांग है, लेकिन जम्मू में कश्मीरी सेब की मिठास की आड़ में बड़े स्तर पर खराब सेब बेचा जा रहा है। एक 30 पैसे का बेस्ट क्वालिटी का स्टिकर लगा पेड़ों से नीचे गिरे, ओलों के निशान वाले दागी सेब बेचे जा रहे हैं। 

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कई दुकानदार और रेहड़ी-फड़ी वाले मंडियों से 30 से 40 रुपये प्रतिकिलो खराब सेब खरीद लाते हैं। इसके बाद इनमें से कुछ छांटकर उनके ऊपर स्टिकर चिपकाकर उसे 100 रुपये प्रति किलो में बेच रहे हैं। जबकि बढ़िया क्वालिटी का सेब मंडी में ही 100 रुपये प्रति किलो है, जिसकी मिठास और रस अच्छा है, लेकिन खराब सेब छांटकर बेस्ट क्वालिटी का स्टिकर लगा बेचा जा रहा है। जो देखने में तो लाल है, लेकिन न तो इसमें रस और न मिठास है।
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जानकारी के अनुसार बेस्ट क्वालिटी वाले 100 स्टिकर की एक शीट 250 से 300 रुपये के बीच है। इस हिसाब से एक स्टिकर 25 से 30 पैसे का पड़ता है। कुछ दुकानदार और रेहड़ी-फड़ी वाले सेब को छांटकर इनके ऊपर स्टिकर चिपका देते हैं। इसके बाद स्टिकर वाले सेब को उसी रेट पर बेचा जाता है, जो मंडी में बेस्ट क्वालिटी वाला स्टिकर लगा सेब है।
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सेब - फोटो : अमर उजाला

गरान वाला सेब होता है सस्ता

पेड़ों से गिरने वाले सेब को गरान कहते हैं। यह कश्मीर में पांच से सात रुपये प्रति किलो तक बिकता है। हालांकि यह ज्यादा दिन नहीं टिकता, लेकिन इसमें से छांटकर कुछ अच्छे सेब अलग कर लिए जाते हैं। इसके अलावा ओलों के निशान वाला सेब होता है, यह एक तरह से फीका हो जाता है। निशान पर स्टिकर लगाकर बेच दिया जाता है। खरीदने वाले को घर जाकर पता चलता है कि यह फीका है।

ऐसे करें पहचान

सेब पर बेस्ट क्वालिटी का स्टिकर। उस पर दाग और ओलों के निशान। देखने में रस भी कम लगे तो समझ जाएं कि बेस्ट क्वालिटी का स्टिकर लगाकर बेचा जा रहा है। यह न मीठा, रस और न ही बेस्ट क्वालिटी का होता है। जो स्टिकर लगा बेस्ट क्वालिटी का सेब है, वह बिना किसी दाग, रसभरा और बिना किसी निशान के होगा।

मंडी में बेस्ट क्वालिटी का सेब वहीं पर स्टिकर लगा 100 रुपये किलो बेचा जाता है। अब कोई गरान वाला और ओलों के निशान वाला सेब स्टिकर लगाकर बेचे तो इस पर मंडी की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। हमारे पास से जो सेब स्टिकर वाला जाता है, तो वह बेस्ट क्वालिटी का है। - प्रवीन गुप्ता, प्रधान, फल मंडी नरवाल  

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