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जम्मू को स्वतंत्र पर्यटन केंद्र बनाने की जरूरत: महबूबा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:49 AM IST
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कार्यक्रम में मौजूद सीएम महबूबा
- फोटो : Amar Ujala
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कश्मीर स्वतंत्र पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित है, लेकिन बदकिस्मती से हालात खराब हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज अता करने मस्जिदों में जाने तक से बुजुर्ग कतराते हैं। पता नहीं कब पत्थरबाजी हो जाए। ऐसे हालात में जम्मू को स्वतंत्र पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की जरूरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती साहब की भी यही कोशिश रही। अखनूर के जिया पोता घाट में शुक्रवार को टूरिज्म कांप्लेक्स का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपने संबोधन में यह बात कहीं।
महबूबा ने कहा जम्मू में मुबारकमंडी जैसा ऐतिहासिक स्थल है। इसको यदि सही ढंग से विकसित कर लिया गया, तो पर्यटकों की भीड़ लग जाएगी। उन्होंने कहा कि मुबारक मंडी जैसा स्थल यदि दुनिया में कहीं होता, तो वह दुनिया का अजूबा होता। मुबारक मंडी को देखकर उनकी आंखें खुली की खुली रह गईं। इस स्थल को विकसित किया जाएगा। विशेषज्ञ कंसल्टेंट को इस काम पर लगाया जाएगा।
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उन्होंने कहा सुचेतगढ़ को वाघा बार्डर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। ऐसा ही चमलियाल में भी किया जाएगा। अखनूर और जिया पोता घाट को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की गई है। यह मार्ग राजोरी-पुंछ के अलावा मुगल रोड के रास्ते में भी आता है। ऐसे में इस स्थल को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा।
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पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती साहब की भी यही कोशिश रही। अखनूर के जिया पोता घाट में शुक्रवार को टूरिज्म कांप्लेक्स का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपने संबोधन में यह बात कहीं।
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महबूबा ने कहा जम्मू में मुबारकमंडी जैसा ऐतिहासिक स्थल है। इसको यदि सही ढंग से विकसित कर लिया गया, तो पर्यटकों की भीड़ लग जाएगी। उन्होंने कहा कि मुबारक मंडी जैसा स्थल यदि दुनिया में कहीं होता, तो वह दुनिया का अजूबा होता। मुबारक मंडी को देखकर उनकी आंखें खुली की खुली रह गईं। इस स्थल को विकसित किया जाएगा। विशेषज्ञ कंसल्टेंट को इस काम पर लगाया जाएगा।
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उन्होंने कहा सुचेतगढ़ को वाघा बार्डर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। ऐसा ही चमलियाल में भी किया जाएगा। अखनूर और जिया पोता घाट को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की गई है। यह मार्ग राजोरी-पुंछ के अलावा मुगल रोड के रास्ते में भी आता है। ऐसे में इस स्थल को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा।
पीडीपी-भाजपा सरकार ने नया दौर शुरू किया: डॉ. निर्मल
इमारत का उद्घाटन करतीं महबूबा मुफ्ती और निर्मल सिंह
- फोटो : Amar Ujala
उन्होंने पर्यटन विभाग के आयुक्त सचिव को जिया पोता घाट के पर्यटन कांप्लेक्स की कैटरिंग को आउट सोर्स करने के अलावा इस स्थान को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने के भी दिशा निर्देश जारी किए।
महबूबा ने कहा इससे पूर्व वह उधमपुर में गईं और वहां करीब पचास पुलों के निर्माण का नींव पत्थर रखा। सभी विभाग यदि मिलकर काम करें तो जम्मू कश्मीर के विकास में धन की कोई कमी नहीं आएगी।
वहीं उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने कहा अखनूर और जिया पोता घाट का ऐतिहासिक महत्व भी है। महाभारत काल में इसे विराट नगरी के नाम से जाना जाता था। महाराजा रणजीत सिंह ने जिया पोता घाट पर ही राजा गुलाब सिंह का राजतिलक किया था। यहां अंबारन में बौद्ध स्थल है।
चिनाब दरिया है। पर्यटकों को हर तरह की सुविधा दी जाएगी, ताकि जम्मू स्वतंत्र पर्यटन केंद्र बने। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जम्मू को बराबरी का हिस्सा नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता व पीडीपी के संस्थापक व पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की दूरदर्शिता से रियासत में बदलाव आया है। पर्यटन राज्य मंत्री प्रिया सेठी ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए।
महबूबा ने कहा इससे पूर्व वह उधमपुर में गईं और वहां करीब पचास पुलों के निर्माण का नींव पत्थर रखा। सभी विभाग यदि मिलकर काम करें तो जम्मू कश्मीर के विकास में धन की कोई कमी नहीं आएगी।
वहीं उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने कहा अखनूर और जिया पोता घाट का ऐतिहासिक महत्व भी है। महाभारत काल में इसे विराट नगरी के नाम से जाना जाता था। महाराजा रणजीत सिंह ने जिया पोता घाट पर ही राजा गुलाब सिंह का राजतिलक किया था। यहां अंबारन में बौद्ध स्थल है।
चिनाब दरिया है। पर्यटकों को हर तरह की सुविधा दी जाएगी, ताकि जम्मू स्वतंत्र पर्यटन केंद्र बने। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जम्मू को बराबरी का हिस्सा नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता व पीडीपी के संस्थापक व पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की दूरदर्शिता से रियासत में बदलाव आया है। पर्यटन राज्य मंत्री प्रिया सेठी ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए।