{"_id":"680d44790b45da0a2a028eb7","slug":"jammu-kistwad-army-dress-ban-jammu-news-c-10-jmu1045-598536-2025-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: किश्तवाड़ में सेना की वर्दी सहित सामान की बिक्री पर प्रतिबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: किश्तवाड़ में सेना की वर्दी सहित सामान की बिक्री पर प्रतिबंध
Sun, 27 Apr 2025 02:09 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sun, 27 Apr 2025 02:09 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
किश्तवाड़। जिला किश्तवाड़ में सेना की वर्दी सहित सेना के उपयोग में आने वाली वस्तुओं की बिक्री पर जिला उपायुक्त ने शनिवार को प्रतिबंध लगा दिया। राष्ट्र विरोधी तत्वों की ओर से गैरकानूनी गतिविधियां अंजाम देने के इरादे से सेना की वर्दी का दुरुपयोग किए जाने की संभावना के चलते यह पाबंदी लगाई गई है।
बाजार में सेना वर्दी की बिक्री व अन्य सामान की बिक्री होने से आम जनता की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। साथ ही जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार शवन ने आदेश में कहा कि धारा 163 बीएनएसएस के तहत उपर्युक्त वस्तुओं की खरीद, भंडारण और बिक्री में लगे निजी पक्षों पर प्रतिबंध लगाया जाता है। कोई भी अनधिकृत व्यक्ति या फर्म सेना की लड़ाकू पोशाक की खरीद, भंडारण, सिलाई और बिक्री नहीं करेगा। सेना के कपड़ों की खरीद, भंडारण और बिक्री करने वाली सभी अधिकृत निजी फर्म व दुकानें इस व्यवसाय को करने के अपने अधिकार के बारे में निकटतम पुलिस स्टेशनों को तुरंत लिखित रूप से सूचित करेंगी।
ऐसे सभी विवरणों को दर्शाने वाला रजिस्टर प्रत्येक डीलर द्वारा उचित रूप से रखा जाएगा। दुकान का निरीक्षण किए जाने पर सक्षम अधिकारियों को यह उपलब्ध कराया जाएगा। तहसीलदार व कार्यकारी मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी या उससे ऊपर के रैंक के पुलिस अधिकारी को नियमित रूप से जांच और पूछताछ के उद्देश्य से ऐसे रजिस्टरों की जांच करने का अधिकार होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
किश्तवाड़। जिला किश्तवाड़ में सेना की वर्दी सहित सेना के उपयोग में आने वाली वस्तुओं की बिक्री पर जिला उपायुक्त ने शनिवार को प्रतिबंध लगा दिया। राष्ट्र विरोधी तत्वों की ओर से गैरकानूनी गतिविधियां अंजाम देने के इरादे से सेना की वर्दी का दुरुपयोग किए जाने की संभावना के चलते यह पाबंदी लगाई गई है।
बाजार में सेना वर्दी की बिक्री व अन्य सामान की बिक्री होने से आम जनता की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। साथ ही जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार शवन ने आदेश में कहा कि धारा 163 बीएनएसएस के तहत उपर्युक्त वस्तुओं की खरीद, भंडारण और बिक्री में लगे निजी पक्षों पर प्रतिबंध लगाया जाता है। कोई भी अनधिकृत व्यक्ति या फर्म सेना की लड़ाकू पोशाक की खरीद, भंडारण, सिलाई और बिक्री नहीं करेगा। सेना के कपड़ों की खरीद, भंडारण और बिक्री करने वाली सभी अधिकृत निजी फर्म व दुकानें इस व्यवसाय को करने के अपने अधिकार के बारे में निकटतम पुलिस स्टेशनों को तुरंत लिखित रूप से सूचित करेंगी।
विज्ञापन
ऐसे सभी विवरणों को दर्शाने वाला रजिस्टर प्रत्येक डीलर द्वारा उचित रूप से रखा जाएगा। दुकान का निरीक्षण किए जाने पर सक्षम अधिकारियों को यह उपलब्ध कराया जाएगा। तहसीलदार व कार्यकारी मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी या उससे ऊपर के रैंक के पुलिस अधिकारी को नियमित रूप से जांच और पूछताछ के उद्देश्य से ऐसे रजिस्टरों की जांच करने का अधिकार होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा।
विज्ञापन