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Jammu News: कटड़ा-बनिहाल रेल खंड में संगलदान होगा सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन
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दोनों तरफ से सुरंग के बीच बनाए गए रेलवे स्टेशन पर होंगे तीन प्लेटफार्म और चार लाइन आधुनिक सुविधाओं से लैस, पर्यटन की दृष्टि से भी होगा काफी महत्वपूर्ण
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला (यूएसबीआरएल) परियोजना में कटड़ा-बनिहाल के 111 किमी रेल खंड में संगलदान रेलवे स्टेशन सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन होगा। तीन प्लेटफार्म के बीच चार लाइन वाला रेलवे स्टेशन दोनों तरफ से सुरंग के बीच में है। आधुनिक सुविधाओं से लैस है और पर्यटन की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण होगा।
संगलदान रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेगी। स्टेशन के तीन प्लेटफार्म को फुटओवर ब्रिज से जोड़ा गया है। तीनों प्लेटफार्म पर छत्त लगाई गई है। स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए स्टेशन की मुख्य बिल्डिंग में लिफ्ट लगाई गई है। वहीं, ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी के एलईडी भी लगाई है। संगलदान रेलवे स्टेशन का निर्माण पहड़ी के बीच में किया गया है। यहां तीन बड़े नाले पड़ते है, हालांकि स्टेशन के निर्माण के लिए इन नालों के मुख को मोड़ा गया है। इस रेलवे स्टेशन का निर्माण 45 करोड़ रुपये से किया जा रहा है।
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सोमवार को संगलदान तक दौड़ा इलेक्ट्रिक इंजन
15 फरवरी को खड़ी-सुंबड़-संगलदान तक सीआरएस निरीक्षण होगा। मुख्य निरीक्षण से पहले सोमवार को रेलवे अधिकारियों ने खड़ी से संगलदान तक इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल का सफल ट्रायल हुआ। 40 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर इंजन सफल रूप से दौड़ा। संगलदान रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यूएसबीआरएल के अधिकारियों के अनुसार सोमवार को ट्रॉयल करवाया गया। इसमें न सिर्फ इंजन बल्कि बोगी के साथ पूरी ट्रेन चलाने की योजना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला (यूएसबीआरएल) परियोजना में कटड़ा-बनिहाल के 111 किमी रेल खंड में संगलदान रेलवे स्टेशन सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन होगा। तीन प्लेटफार्म के बीच चार लाइन वाला रेलवे स्टेशन दोनों तरफ से सुरंग के बीच में है। आधुनिक सुविधाओं से लैस है और पर्यटन की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण होगा।
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संगलदान रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेगी। स्टेशन के तीन प्लेटफार्म को फुटओवर ब्रिज से जोड़ा गया है। तीनों प्लेटफार्म पर छत्त लगाई गई है। स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए स्टेशन की मुख्य बिल्डिंग में लिफ्ट लगाई गई है। वहीं, ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी के एलईडी भी लगाई है। संगलदान रेलवे स्टेशन का निर्माण पहड़ी के बीच में किया गया है। यहां तीन बड़े नाले पड़ते है, हालांकि स्टेशन के निर्माण के लिए इन नालों के मुख को मोड़ा गया है। इस रेलवे स्टेशन का निर्माण 45 करोड़ रुपये से किया जा रहा है।
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सोमवार को संगलदान तक दौड़ा इलेक्ट्रिक इंजन
15 फरवरी को खड़ी-सुंबड़-संगलदान तक सीआरएस निरीक्षण होगा। मुख्य निरीक्षण से पहले सोमवार को रेलवे अधिकारियों ने खड़ी से संगलदान तक इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल का सफल ट्रायल हुआ। 40 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर इंजन सफल रूप से दौड़ा। संगलदान रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यूएसबीआरएल के अधिकारियों के अनुसार सोमवार को ट्रॉयल करवाया गया। इसमें न सिर्फ इंजन बल्कि बोगी के साथ पूरी ट्रेन चलाने की योजना है।