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जम्मू-कश्मीर: बेटियों की शादी पर श्रमिकों को मिल सकती है 50 हजार की मदद
Wed, 01 Jan 2020 09:36 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 01 Jan 2020 09:36 PM IST
सार
- सरकार को भेजने के लिए श्रमिक कल्याण बोर्ड ने तैयार किया प्रस्ताव
- बोर्ड में 4.09 लाख के करीब पंजीकृत हैं श्रमिक
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निकाह
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में श्रमिकों की बेटियों की शादी पर मिलने वाली आर्थिक मदद बढ़ने जा रही है। वर्तमान में मिल रही 25 हजार रुपये की मदद को बढ़ाकर 50 हजार किया जाएगा। इसके लिए निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। उसे सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में 4.09 लाख के करीब श्रमिक पंजीकृत हैं। सरकार सभी श्रमिकों को बच्चों की पढ़ाई, शादी, पुरानी बीमारी के इलाज, मातृत्व, विकलांगता और मृत्यु पर आर्थिक मदद देता है। 2011 तक सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत श्रमिकों को 27 लाख 481 हजार 667 रुपये की मदद दी है।
निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के सीईओ पीर मुजफ्फर ने कहा कि श्रम विभाग से पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों या उस पर निर्भर बहन को शादी पर मिलने वाली आर्थिक मदद को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें प्रति शादी पर 50 हजार रुपये देने की बात है।
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विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत श्रमिकों को ही मिलता है। उन्होंने कहा कि श्रमिक विभाग के साथ पंजीकृत श्रमिकों को प्रति वर्ष अपना पंजीकरण रिन्यू करवाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें 120 रुपये की वार्षिक फीस भरनी होती है।
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निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में 4.09 लाख के करीब श्रमिक पंजीकृत हैं। सरकार सभी श्रमिकों को बच्चों की पढ़ाई, शादी, पुरानी बीमारी के इलाज, मातृत्व, विकलांगता और मृत्यु पर आर्थिक मदद देता है। 2011 तक सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत श्रमिकों को 27 लाख 481 हजार 667 रुपये की मदद दी है।
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निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के सीईओ पीर मुजफ्फर ने कहा कि श्रम विभाग से पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों या उस पर निर्भर बहन को शादी पर मिलने वाली आर्थिक मदद को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें प्रति शादी पर 50 हजार रुपये देने की बात है।
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विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत श्रमिकों को ही मिलता है। उन्होंने कहा कि श्रमिक विभाग के साथ पंजीकृत श्रमिकों को प्रति वर्ष अपना पंजीकरण रिन्यू करवाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें 120 रुपये की वार्षिक फीस भरनी होती है।