जम्मू-कश्मीर: रियासी में दो साल के बच्चे के साथ महिला को रात भर हिरासत में रखा, पिटाई करने का भी आरोप
पीड़ित का कहना है कि वह डूगा डंसाल इलाके की रहने वाली है। पुलिस ने उसे 28 जनवरी को बिना किसी मामले में हिरासत में लिया। आरोप लगाया कि पुलिस चौकी में तीन से चार घंटे उत्पीड़न किया गया।
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रियासी के डंसाल में पुलिस की ओर से दो साल के शिशु और सात माह की नवजात के साथ मां को रात भर हिरासत में रखने का मामला सामने आया है। महिला को पुलिस ने किस मामले में हिरासत में लिया है, उसको भी इस बात का पता नहीं है। महिला का आरोप है कि उसे पुलिस कर्मियों ने मारा-पीटा है। बच्चे की भी पिटाई करने का आरोप है।
पीड़ित रानी देवी (26) का कहना है कि वह रियासी के डूगा डंसाल इलाके की रहने वाली है और उसका पति दिहाड़ी लगाता है। पुलिस ने उसे 28 जनवरी को बिना किसी मामले में हिरासत में लिया। डंसाल पुलिस चौकी में तीन से चार घंटे तक बिठाए रखा। हिरासत में लेते वक्त कोई महिला पुलिस कर्मी भी नहीं थी।
देर शाम उसे अरनास थाने में बंद कर दिया गया, यहां भी महिला पुलिस कर्मी ने उसकी पिटाई की। रात भर न तो उसे और बच्चों को खाना दिया गया। कंपकंपाती ठंड में कंबल आदि भी नहीं दिया गया। ठंड के कारण नवजात बीमार हो गई है। आरोप है कि पर्चा उर्दू भाषा में था और वह उर्दू नहीं जानती।
इस पर उसके दस्तखत करवा लिए गए। डंसाल पुलिस चौकी के अधिकारी पर महिला को धमकाने का आरोप है कि तू मायके चली जाए तो तुझे छोड़ देंगे। धमकी दी कि इस बारे में किसी को बताया तो हिस्ट्री शीटर का केस लगा देंगे।
वहीं, एडवोकेट अना दुरानी का कहना है कि 15 साल से कम उम्र के बच्चे को हिरासत में नहीं लिया जा सकता। यह गैर कानूनी है। इस मामले की कड़ी जांच होनी चाहिए। अगर महिला के लगाए आरोप सिद्ध होते हैं तो पुलिस वालों पर 354 का केस दर्ज होता है।
एसएसपी को मामले का पता नहीं, कहा-जांच करेंगे
एसएसपी रियासी अमित गुप्ता से जब मामले के बारे में पूछा गया तो उनका कहना है कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। इसकी जांच की जाएगी। किसी भी पुलिस कर्मी पर लगाए आरोप सिद्ध होते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल महिला को छोड़ दिया गया है।
क्या है मामला
बताया जा रहा है कि एक कंपनी को महिला के पति ने 2017 में अपनी जमीन एक रेलवे प्रोजेक्ट के लिए लीज पर दी थी। एग्रीमेंट के अनुसार एक कनाल जमीन पर उनको सालाना चार हजार रुपये मिलने थे। यह रकम 2021 तक मिलती रही, लेकिन इसके बाद राशि मिलना बंद हो गई। जब इसका विरोध परिवार ने किया तो उन पर कई बार हमले हुए। इस मामले में पुलिस उच्च अधिकारियों से भी मिलने नहीं दिया गया।
चौकी अफसर ने आरोपों को नकारा
डंसाल पुलिस चौकी के एसआई वरिंद्र सिंह ने आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि हमें कंपनी से परिवार के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसके आधार पर महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। जिस समय महिला को हिरासत में लिया गया उस वक्त एक लेडी पुलिस कर्मी भी मौजूद थी।