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जम्मू-कश्मीर में शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी, मिले 260 करोड़ पिछले वित्तीय वर्ष से मिले 54 करोड़ रुपये अधिक, 2400 करोड़ राजस्व का लक्ष्य निर्धारित 40 दुकानों के दोबारा होंगे ऑक्शन, एक सप्ताह में पूरी की जाएगी प्रक्रिया: आबकारी आयुक्त
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में शराब की दुकानों के लाइसेंस फीस के रूप में इस साल 260.20 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। यह पिछले वित्तीय वर्ष से 54 करोड़ रुपये अधिक है। पिछले साल 206 करोड़ रुपये सरकार के खाते में गए थे। आबकारी विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 2400 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य रखा है।
आबकारी विभाग की ओर से रविवार को अवकाश होने के बाद भी देर रात तक काम करते हुए 257 लाइसेंस जारी किए गए। प्रदेश में 305 दुकानें हैं, जिसमें से लगभग 40 दुकानों के दोबारा नीलामी होगी। अनुच्छेद-370 हटने के बाद दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया में बदलाव लाया गया है। नई प्रक्रिया से विभाग को लाइसेंस फीस के रूप में साढ़े छह करोड़ रुपये मिलते थे। आबकारी आयुक्त पंकज शर्मा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग को 1795 करोड़ रुपये राजस्व मिला था। नए वित्तीय वर्ष यानी 2023-24 में इसे 2400 करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। 2019 के बाद विभागीय कार्यप्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी बनाया गया है। अब विभाग में सभी काम ऑनलाइन होते हैं।
श्रीनगर की दुकान की सबसे अधिक 5.35 करोड़ बोली
जम्मू-कश्मीर में 305 दुकानों में से कश्मीर में 14 दुकानें हैं। पूरे प्रदेश में श्रीनगर की दुकान की सबसे अधिक बोली 5.35 करोड़ रुपये लगी है।
कोट
पहली बार लाइसेंस फीस तथा अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के एक दिन बाद ही शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी कर दिए गए। कुछ दुकानों के दोबारा आक्शन होंगे जिसकी प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। सात अप्रैल तक निविदा की प्रक्रिया पूरी हुई थी। 15 अप्रैल तक लाइसेंस फीस जमा करने की आखिरी तारीख निर्धारित थी। अंतिम तिथि के एक दिन बाद ही सभी 257 दुकानों के लाइसेंस जारी कर दिए गए।
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- पंकज शर्मा, आबकारी आयुक्त
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में शराब की दुकानों के लाइसेंस फीस के रूप में इस साल 260.20 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। यह पिछले वित्तीय वर्ष से 54 करोड़ रुपये अधिक है। पिछले साल 206 करोड़ रुपये सरकार के खाते में गए थे। आबकारी विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 2400 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य रखा है।
आबकारी विभाग की ओर से रविवार को अवकाश होने के बाद भी देर रात तक काम करते हुए 257 लाइसेंस जारी किए गए। प्रदेश में 305 दुकानें हैं, जिसमें से लगभग 40 दुकानों के दोबारा नीलामी होगी। अनुच्छेद-370 हटने के बाद दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया में बदलाव लाया गया है। नई प्रक्रिया से विभाग को लाइसेंस फीस के रूप में साढ़े छह करोड़ रुपये मिलते थे। आबकारी आयुक्त पंकज शर्मा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग को 1795 करोड़ रुपये राजस्व मिला था। नए वित्तीय वर्ष यानी 2023-24 में इसे 2400 करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। 2019 के बाद विभागीय कार्यप्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी बनाया गया है। अब विभाग में सभी काम ऑनलाइन होते हैं।
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श्रीनगर की दुकान की सबसे अधिक 5.35 करोड़ बोली
जम्मू-कश्मीर में 305 दुकानों में से कश्मीर में 14 दुकानें हैं। पूरे प्रदेश में श्रीनगर की दुकान की सबसे अधिक बोली 5.35 करोड़ रुपये लगी है।
कोट
पहली बार लाइसेंस फीस तथा अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के एक दिन बाद ही शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी कर दिए गए। कुछ दुकानों के दोबारा आक्शन होंगे जिसकी प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। सात अप्रैल तक निविदा की प्रक्रिया पूरी हुई थी। 15 अप्रैल तक लाइसेंस फीस जमा करने की आखिरी तारीख निर्धारित थी। अंतिम तिथि के एक दिन बाद ही सभी 257 दुकानों के लाइसेंस जारी कर दिए गए।
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- पंकज शर्मा, आबकारी आयुक्त