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जम्मू-कश्मीर के कानून आयोग ने ली शक्ल, रिटायर जस्टिस एमके हंजूरा बने चेयरमैन
Tue, 08 Jan 2019 09:08 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Priyesh Mishra
Updated Tue, 08 Jan 2019 09:08 AM IST
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जम्मू-कश्मीर में न्यायिक मामलों को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जम्मू कश्मीर स्टेट लॉ (कानून आयोग) ने अपनी शक्ल ग्रहण कर ली है। हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस एमके हंजूरा को आयोग का चेयरमैन नियुक्त कर दिया गया है।
चेयरमैन का कार्यकाल तीन साल का होगा। दो फुल टाइम और दो पार्ट टाइम मेंबर भी होंगे। कानून एवं संसदीय मामलों के पूर्व सचिव इसके मेंबर होंगे। रियासत के मौजूदा कानूनों में किसी तरह के बदलाव करने, उनमें संशोधन करने और इनको लागू करने में सिफारिश करने जैसे कार्य यह आयोग करेगा।
न्यायिक व्यवस्था में लोगों को जल्द से जल्द परिणाम देने के लिए क्या कुछ किया जाए, इसकी सलाह भी आयोग देगा। गरीब लोगों को कौन से कानून नुकसान पहुंचा रहे हैं, इनको न्यायिक सेवा देने के लिए क्या कुछ होना चाहिए, इस पर भी आयोग मशविरा देगा। मामलों को बिना रुकावट हल करने और तेजी से सुलझाने के लिए काम होगा।
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कुल मिलाकर इस आयोग का काम होगा मौजूदा न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करना है। लोगों को वक्त पर इंसाफ दिलाना। सरकारी आदेशों का सही से पालन कराना। इन तमाम कार्यों के लिए आयोग अपने सुझाव देगा और इनको लागू करने की सिफारिश करेगा।
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चेयरमैन का कार्यकाल तीन साल का होगा। दो फुल टाइम और दो पार्ट टाइम मेंबर भी होंगे। कानून एवं संसदीय मामलों के पूर्व सचिव इसके मेंबर होंगे। रियासत के मौजूदा कानूनों में किसी तरह के बदलाव करने, उनमें संशोधन करने और इनको लागू करने में सिफारिश करने जैसे कार्य यह आयोग करेगा।
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न्यायिक व्यवस्था में लोगों को जल्द से जल्द परिणाम देने के लिए क्या कुछ किया जाए, इसकी सलाह भी आयोग देगा। गरीब लोगों को कौन से कानून नुकसान पहुंचा रहे हैं, इनको न्यायिक सेवा देने के लिए क्या कुछ होना चाहिए, इस पर भी आयोग मशविरा देगा। मामलों को बिना रुकावट हल करने और तेजी से सुलझाने के लिए काम होगा।
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कुल मिलाकर इस आयोग का काम होगा मौजूदा न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करना है। लोगों को वक्त पर इंसाफ दिलाना। सरकारी आदेशों का सही से पालन कराना। इन तमाम कार्यों के लिए आयोग अपने सुझाव देगा और इनको लागू करने की सिफारिश करेगा।