जम्मू कश्मीर: पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक, गुलाम, उमर और महबूबा मुफ्ती की सिक्योरिटी में कटौती, अब नहीं मिलेगी जैमर- एंबुलेंस की सुविधा
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा में तैनात होने वाले विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) में कटौती की गई थी। इसका गठन मुख्यमंत्रियों और पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा के लिए किया गया था।
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जम्मू-कश्मीर के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा कवर में कमी के बाद केंद्रशासित प्रशासन ने श्रीनगर जिले के अंदर उनकी आवाजाही के दौरान जैमरों और एंबुलेंस की तैनाती भी रोकने का फैसला लिया है। लोकसभा सांसद और वरिष्ठ राजनीतिज्ञ डॉ. फारूक अब्दुल्ला शनिवार को श्रीनगर में प्रसिद्ध हजरतबल दरगाह और दस्गीर साब पर नमाज अता करने आए थे। इस दौरान वहां पर न तो एंबुलेंस दिखी और न ही जैमर।
एंबुलेंस मेडिकल आपातकालीन व्यवस्था के लिए मुहैया कराई जाती थी
अभी तक पूर्व मुख्यमंत्रियों के दौरों के दौरान जैमर की व्यवस्था की जाती थी ताकि यदि आतंकियों ने कोई रिमोट कंट्रोल से संचालित होने वाला विस्फोटक कहीं लगाया हो तो उसके सिग्नल को जाम किया जा सके और एंबुलेंस मेडिकल आपातकालीन व्यवस्था के लिए मुहैया कराई जाती थी।
अधिकारियों ने कहा, सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अन्य जिलों के दौरों के दौरान पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, गुलाम नबी आजाद, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के लिए जैमर और एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
विशेष सुरक्षा समूह में भी की गई कटौती
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा में तैनात होने वाले विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) में कटौती की गई थी। इसका गठन मुख्यमंत्रियों और पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा के लिए किया गया था। चारों पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए एसएसजी कवर वापस ले लिया गया और उनकी सुरक्षा का जिम्मा जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा विंग को सौंपा गया है और इनकी मदद केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैन्य बल करेंगे।
अब तक श्रीनगर में कई आतंकी वारदातें
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पिछले साल से अब तक श्रीनगर में कई आतंकी वारदातें हुई हैं। श्रीनगर शहर और उसके आसपास के इलाकों में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-ताइबा समर्थित गुट द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) द्वारा कुछ नागरिकों की लक्षित (टारगेटेड) हत्याओं के अलावा सुरक्षाबलों पर हमला किया गया।
फारूक और आजाद को एनएसजी कवर
फारूक अब्दुल्ला और आजाद को एनएसजी कवर मिलना जारी है। एनएसजी जवानों को ब्लैक कैट कमांडोज कहा जाता है। इन दोनों नेताओं को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है। वहीं उमर अब्दुल्ला और महबूबा को प्रदेश में जेड प्लस सुरक्षा मिलती रहेगी लेकिन प्रदेश से बाहर होने पर इसमें कटौती होगी।
इन नेताओं को जिला पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई
अधिकारियों का कहना है कि इन नेताओं को जिला पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई। साथ ही इन नेताओं की सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा विंग में एसएसजी के कुछ जवानों को भी तैनात किया जाएगा।
एसएसजी के जवान दूसरी विंग में जाएंगे
एसएसजी के अन्य जवानों को अन्य विंग में तैनात किया जाएगा ताकि उनका इस्तेमाल प्रशिक्षण आदि में किया जा सके। वाहन और अन्य उपकरण पुलिस की सुरक्षा विंग को सौंपे जाएंगे।