जम्मू-कश्मीरः वीडिया कांफ्रेंसिंग के जरिए जिला अदालत से दी जाने लगी कैदियों को रिमांड
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उधमपुर जिला अदालत से रिमांड लेने व ट्रायल के लिए अब कैदी को कड़ी सुरक्षा के बीच वाहन में बिठाकर जिला अदालत नहीं लाना पड़ेगा। जिला अदालत को हाईटेक बनाने के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कैदियों को रिमांड देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही कैदियों को ट्रायल के लिए भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही जिला अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पुलिस के समय व पैसे की बचत होगी और अदालत का समय भी बचेगा।
जिला अदालत में हर रोज देखा जाता है कि जेल से कैदियों को कड़ी सुरक्षा के बीच वाहन में बिठाकर रिमांड हासिल करने या फिर ट्रायल के लिए जिला अदालत पहुंचाया जाता है। इस पर पुलिस को हर रोज हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। जिला अदालत में हर रोज 10 से 12 कैदियों को रिमांड पर लेने या फिर ट्रायल के लिए लाया जाता है। लेकिन अब वीडियो कांफ्रेंसिंग शुरू होने पर पुलिस को कैदियों की रिमांड जिला जेल में ही मिल रही है।
पुलिस का पक्ष सुनने के बाद जज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही रिमांड देने लगे हैं। शुक्रवार को दो और शनिवार को भी दो कैदियों को रिमांड दी जा चुकी है। इसके लिए पुलिस को हजारों रुपये खर्च कर जिला अदालत नहीं आना पड़ा। अगले कुछ दिनों में ट्रायल की प्रक्रिया भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शुरू कर दी जाएगी।
सुरक्षा को लेकर पुलिस को नहीं करने पड़ेगी चिंता
कैदी को अदालत में लाने और वापस ले जाने के दौरान कई बार हाथापाई की घटनाएं होती हैं। कई बार तो कैदी पुलिस को चकमा देकर फरार भी हो जाते हैं, लेकिन अब वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा शुरू होने के बाद सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं होगी।
विशेष परिस्थितियों में ही कैदी को किया जाएगा पेश
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार आने समय में वीडियो-कांफ्रेंसिंग के जरिये ही गवाहों के परीक्षण और बयानों की रिकॉर्डिंग और सुनवाई नियमित रूप से की जाएगी और केवल विशेष परिस्थितियों में ही कैदी को अदालत में बुलाया जाएगा।