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जम्मू-कश्मीर: निजी हाथों में सौंपे जाएंगे रामबन व बनिहाल के होटल, राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने दी मंजूरी
Fri, 14 Jul 2023 04:57 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 14 Jul 2023 04:57 PM IST
सार
जेकेटीडीसी के प्रबंध निदेशक मिंगा शेरपा ने बताया कि पीपीपी मोड के तहत आउटसोर्स की जा रही संपत्तियों का उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के साथ राजस्व में वृद्धि करना है। इससे संपत्तियों का उचित इस्तेमाल और रखरखाव हो सकेगा।
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Tourist Jammu Kashmir
- फोटो : संवाद
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन गतिविधियों और राजस्व को बढ़ावा देने की दिशा में पीपीपी मोड के तहत आउटसोर्स की जा रही जम्मू-कश्मीर पर्यटन विकास निगम (जेकेटीडीसी) की संपत्तियों को 15 और 30 साल की लीज अवधि पर दिया जा रहा है। इसमें पहले चरण में जम्मू और कश्मीर में 12 संपत्तियों को पीपीपी मोड पर आउटसोर्स किया जा रहा है।
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इसके लिए 21 जुलाई को निविदाएं खोली जा रही हैं। इनमें कई संपत्तियां सालाना एक करोड़ रुपये या इससे अधिक में आउटसोर्स होंगी। होटल मेपल बनिहाल, होटल एल्पाइन बनिहाल, सेरी रामबन, होटल एल्पलाइन रामबन, रामबन कैफेटेरिया, कुद-सनासर बंडल-2, पहलगाम क्लब व हटमेंट्स के लिए 21 जुलाई को निविदाएं खोली जाएंगी।
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इसके बाद अन्य निविदाओं की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी। जेकेटीडीसी की ओर से चिन्हित की गई संपत्तियों में पाया गया है कि उनकी क्षमता के मुताबिक राजस्व नहीं जुटाया जा सका है। प्रदेश के लगभग सभी पर्यटन स्थलों पर करोड़ों रुपये की संपत्तियां हैं।
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पर्यटन के साथ राजस्व में भी वृद्धि का इरादा
जेकेटीडीसी के प्रबंध निदेशक मिंगा शेरपा ने बताया कि पीपीपी मोड के तहत आउटसोर्स की जा रही संपत्तियों का उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के साथ राजस्व में वृद्धि करना है। इससे संपत्तियों का उचित इस्तेमाल और रखरखाव हो सकेगा। चरणबद्ध तरीके से संपत्तियों को निविदाओं के जरिए आउटसोर्स किया जाएगा। इससे निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।