{"_id":"639fe940e5860b1f570ec6ea","slug":"jammu-kashmir-quarters-to-be-made-for-teachers-posted-in-schools-in-rural-remote-areas","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu Kashmir: ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में तैनात शिक्षकों के लिए बनेंगे क्वार्टर, सेवाएं देना होगा आसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu Kashmir: ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में तैनात शिक्षकों के लिए बनेंगे क्वार्टर, सेवाएं देना होगा आसान
Mon, 19 Dec 2022 10:03 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 19 Dec 2022 10:03 AM IST
सार
दूरदराज क्षेत्र के स्कूलों में तैनात शिक्षकों को स्कूल के आसपास ही आवासीय सुविधा मिलेगी। स्कूल द्वारा भूमि देने के बाद क्वार्टर का निर्माण करवाया जाना है।
विज्ञापन
Teacher
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दूरदराज क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षकों के लिए अब सेवाएं देनी और आसान होंगी। इन क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों के लिए स्कूल के आसपास ही क्वार्टर बनाए जाएंगे। समग्र शिक्षा इन क्वार्टर का निर्माण करेगी। स्कूल के आसपास ही आवासीय सुविधा मिलने से न सिर्फ शिक्षकों की परेशानी दूर होगी बल्कि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।
विज्ञापन
दूरदराज क्षेत्र के स्कूलों में ड्यूटी लगने के बाद शिक्षक वहां से तबादला करवाने में लगे जाते हैं। कारण रोज सफर करना और आवासीय सुविधा का नहीं होना है। ऐसे में समग्र शिक्षक वहां क्वार्टर बनाएगी, जिनके पास अपनी भूमि है, ताकि शिक्षकों को उसका लाभ मिले। किश्तवाड़ जिले के तीन स्कूलों के लिए क्वार्टर का निर्माण किया जाएगा। इसमें गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल सोउंद में 99.76 लाख रुपये, हायर सेकेंडरी स्कूल दच्छन में 99.76 लाख और हायर सेकेंडरी सिरोध में 148 लाख रुपये की लागत से क्वार्टरों का निर्माण किया जाएगा।
विज्ञापन
समग्र शिक्षा परियोजना निदेशक दीप राज ने कहा कि दूरदराज क्षेत्र के स्कूलों में तैनात शिक्षकों को स्कूल के आसपास ही आवासीय सुविधा मिलेगी। स्कूल द्वारा भूमि देने के बाद क्वार्टर का निर्माण करवाया जाता है। इससे शिक्षकों को भी सुविधा मिलेगी। उन्हें प्रतिदिन सफर नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन