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Jammu Kashmir : कड़ाके की ठंड में आरक्षण पर गरमाई सियासत, आज सीएम आवास के सामने प्रदर्शन का एलान
Mon, 23 Dec 2024 12:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:55 AM IST
सार
श्रीनगर से नेशनल कांफ्रेंस के सांसद आगा रुहेल्लाह मेहदी ने रविवार को आरक्षण नीति पर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने सोमवार को गुपकार स्थित मुख्यमंत्री आवास के सामने धरने का एलान किया।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कड़ाके की ठंड में सरकारी नौकरियों में आरक्षण पर सियासत गरमा गई है। श्रीनगर से नेशनल कांफ्रेंस के सांसद आगा रुहेल्लाह मेहदी ने रविवार को आरक्षण नीति पर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने सोमवार को गुपकार स्थित मुख्यमंत्री आवास के सामने धरने का एलान किया।
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रुहेल्लाह की एक्स पर इस पोस्ट के बाद पुलवामा से पीडीपी विधायक वहीर उर रहमान पर्रा ने नेशनल कांफ्रेंस को घेरा और इसे नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। आरक्षण पर गरमाती सियासत पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को सरकार का रुख स्पष्ट करना पड़ा।
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उन्होंने लिखा कि मैं लोगों की भावनाओं को समझता हूं। सरकार अपने किए हर वादे को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने आरक्षण नीति की समीक्षा के लिए एक उप-समिति गठित की है, वह इस मामले में अदालत के निर्देशों का पालन करेगी।
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जम्मू-कश्मीर में आरक्षण नीति को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेकां नेता रुहेल्लाह ने पिछले महीने ही एक युवा द्वारा ओपन मेरिट को लेकर वादा याद दिलाए जाने पर सरकार को समय दिया था। साथ ही ये कहा था कि यदि जरूरत पड़ी तो वे खुद सीएम आवास के सामने धरने में शामिल होंगे। प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले पेश की गई आरक्षण नीति के तहत सामान्य श्रेणी को 40 फीसदी तक सीमित कर दिया है, जबकि आरक्षित श्रेणियों के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया गया है।
समय खत्म, अब सरकार से मांगेंगे जवाब
सांसद रुहेल्लाह ने कहा कि अब समय सीमा समाप्त हो चुकी है। वह अपने वादे के अनुसार सोमवार 23 दिसंबर को दोपहर दो बजे मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार से इस मुद्दे का जवाब मिल सके। उन्होंने कहा, पिछले महीने मैंने उप समिति के गठन पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखी हैं।
जिन लोगों का मानना है कि इस मुद्दे को संतोषजनक तरीके से संबोधित नहीं किया गया है, मैं अपने वचन पर खड़ा हूं। मैं लोगों के साथ एक शांतिपूर्ण और सम्मानजनक प्रयास में शामिल होऊंगा, ताकि सरकार से उनके मुद्दों का समाधान मिल सके। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि जो लोग स्वेच्छा से प्रदर्शन में भाग लेने आ रहे हैं, वे अनुशासन बनाए रखें और तर्कसंगत आरक्षण नीति की मांग को उठाने पर ध्यान केंद्रित करें।
नेकां कर रही नजरअंदाज
पीडीपी विधायक वाहिद पर्रा ने एक्स पर लिखा कि आरक्षण मुद्दे को नजरअंदाज किया गया है; जेकेएनसी के खाली वादे और देरी निराशा को बढ़ावा दे रहे हैं। अब निर्णायक और निष्पक्ष कार्रवाई का समय है।
आरक्षण पर समिति कार्यरत है, हालांकि कोर्ट के फैसले का पालन करेंगे
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि मैं आरक्षण को लेकर लोगों की भावनाओं को समझता हूं। नेशनल कान्फ्रेंस को घोषणापत्र में किए अपने वादे याद हैं। इसी वचनबद्धता के तहत ही कैबिनेट उपसमिति बनाई गई है। समिति सभी पक्षों को लेकर अपना काम करेगी। मुख्यमंत्री ने लिखा कि इस बीच, आरक्षण नीति को जम्मू, कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है।
हम निश्चित रूप से किसी भी निर्णय के लिए अदालत के फैसले के अनुसार कार्य करेंगे जब अंतिम कानूनी विकल्प समाप्त हो जाएंगे। सांसद रुहेल्लाह के विरोध प्रदर्शन को लेकर उन्होंने लिखा कि मुझे जानकारी मिली है कि एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है। हम इसका विरोध नहीं करेंगे। हां, हम इतना जरूर कहेंगे कि आरक्षण के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया गया है और न ही इसे दबाया गया है। सीएम ने ये भी कहा कि आपकी सरकार वही कर रही है, जो एक जिम्मेदार सरकार करेगी।