जम्मू-कश्मीर: पुलिस को अब एफएसएल की रिपोर्ट मिलेगी ऑनलाइन, देश की चुनिंदा लैब में ही यह सेवा
प्रदेश में पहली बार एफएसएल ने नेशनल इंफारमेटिक सेंटर (एनआईसी) की मदद से लैब इंफारमेशन मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है। इसका 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस को विभिन्न आपराधिक मामलों की जांच में महत्वपूर्ण फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट अब ऑनलाइन मिलेगी। प्रदेश में पहली बार एफएसएल ने नेशनल इंफारमेटिक सेंटर (एनआईसी) की मदद से लैब इंफारमेशन मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है। इसका 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। विशेषज्ञों और कर्मियों के पद भरने की भी तैयारी की जा रही है।
चालान पेश करने में एफएसएल कर रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण
मार्च के अंत तक यह सिस्टम पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इसके बाद पुलिस को रिपोर्ट ऑनलाइन मिलने लगेगी। बता दें कि देश की चुनिंदा एफएसएल लैब में ही यह सुविधा उपलब्ध है। इन लैब में प्रदेश की लैब भी शामिल होने जा रही है। किसी भी मामले की जांच करने के बाद चालान पेश करने में एफएसएल कर रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण है।
एफएसएल के पास 60 से 70 मामलों की रिपोर्ट बनकर तैयार
पुलिस की ओर से यह रिपोर्ट लेने में काफी समय लगा दिया जाता है। मौजूदा समय में भी एफएसएल के पास 60 से 70 मामलों की रिपोर्ट बनकर तैयार है। लेकिन इन्हें लेने कोई नहीं आ रहा। नई व्यवस्था से पुलिस को एफएसएल के पास जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और रिपोर्ट थाने में बैठकर ही आ जाएगी। बता दें कि देश की चुनिंदा लैब में ही यह सेवा है।
289 स्टाफ में से 89 लोग ही मौजूद
जानकारी के अनुसार एफएसएल के पास कुल 287 पदों की मंजूरी और जरूरत है, लेकिन इस समय विभाग के पास मात्र 89 लोग ही हैं। ऐसे में अब एफएसएल की ओर से सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) को 89 पद रेफर किए गए हैं। इन पदों को भरने के लिए एसएसबी ने अधिसूचना भी जारी कर दी है।
फिलहाल तीन ही विशेषज्ञ
वर्तमान में एफएसएल के पास विशेषज्ञों की काफी कमी है। केमिकल नारकोटिक्टस, बायोलॉजी, लाई डिटेक्ट के अलावा कोई विशेषज्ञ नहीं है। जबकि जिनके विशेषज्ञ है, वो भी डेपुटेशन पर हैं। एफएसएल की ओर अब तकनीकी स्टाफ और विशेषज्ञ लाने की तैयारी की गई है। संभव है कि अगले दो महीने तक यह कमी पूरी हो जाएगी।
ऐसे काम करेगा सिस्टम
पुलिस कोई भी सैंपल लेकर एफएसएल के पास जाएगी। इसके बाद पुलिस के पास एक एसएमएस के जरिए जानकारी जाएगी कि उनका सैंपल रिसीव हो गया है। जब सैंपल की जांच होने के बाद रिपोर्ट तैयार होगी। तब फिर से एक एसएमएस पुलिस के पास जाएगा कि उनके सैंपल की रिपोर्ट बन गई है। इस उपरांत पुलिस को रिपोर्ट लेने के लिए विभाग की वेबसाइट से एक ओटीपी मिलेगा, जिसको लगाते ही रिपोर्ट डाउनलोड हो जाएगी। ऐसे में पुलिस को एफएसएल के पास रिपोर्ट लेने जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। - शुबरा शर्मा, निदेशक, एसएसएल, जम्मू-कश्मीर