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जम्मू-कश्मीर पुलिस शुरू करेगी ई-पासपोर्ट वेरिफिकेशन सिस्टम, घर बैठे हो सकेगा सत्यापन
Sat, 19 Oct 2019 12:02 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sat, 19 Oct 2019 12:02 AM IST
सार
- सात नवंबर तक प्रस्ताव बनाकर सीआईडी मुख्यालय में पेश किया जाएगा
- 13 नवंबर को इस सिस्टम को लागू करने वाली कंपनियां अपना पक्ष रखेंगी
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
पासपोर्ट की वेरिफिकेशन कराने के लिए अब ज्यादा समय नहीं लगेगा। पुलिस का सीआईडी मुख्यालय पासपोर्ट की ई-वेरिफिकेशन शुरू करने जा रहा है। अब तक मैन्युली होने वाली प्रक्रिया को ई-कार्यप्रणाली से से अंजाम दिया जाएगा। पुलिस महकमा किसी निजी कंपनी को इसकी जिम्मेदारी देगा। यह कंपनी तय करेगी कि किस तरह के सिस्टम से इसको प्रभावी बनाया जा सकता है।
पुलिस महकमे ने कई कंपनियों से कहा है कि वह अपनी योजना बनाकर विभाग को सौंपें। सात नवंबर तक प्रस्ताव बनाकर पुलिस सीआईडी मुख्यालय में सौंपना होगा। इसके बाद 13 नवंबर को कंपनियां अपना-अपना प्रस्ताव विभाग को बताएंगी। कंपनियां बताएंगी कि उनके पास इसके लिए क्या कुछ उपलब्ध है। इस पर खर्च और इसको चलाने की पूरी जानकारी देनी होगी। 10 अक्तूबर को एसएसपी सीआईडी मुख्यालय की ओर से इसे लेकर नोटिफिकेशन भी जारी किया गया था।
क्या है मौजूदा कार्यप्रणाली
पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन करने के बाद सीआईडी के पास वेरिफिकेशन करने का दस्तावेज भेजा जाता है। इसके बाद सीआईडी मुख्यालय से संबंधित क्षेत्र के सीआईडी एसओ को संपर्क किया जाता है। इसके बाद एसओ वेरिफिकेशन करने के बाद सीआईडी मुख्यालय पहुंचाता है। फिर एसएसपी, आईजी और एडीजीपी के हस्ताक्षर होते हैं। यह सारी प्रक्रिया डाक से होती है। जिसमें कम से 20 दिन लग जाते हैं।
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पुलिस महकमे ने कई कंपनियों से कहा है कि वह अपनी योजना बनाकर विभाग को सौंपें। सात नवंबर तक प्रस्ताव बनाकर पुलिस सीआईडी मुख्यालय में सौंपना होगा। इसके बाद 13 नवंबर को कंपनियां अपना-अपना प्रस्ताव विभाग को बताएंगी। कंपनियां बताएंगी कि उनके पास इसके लिए क्या कुछ उपलब्ध है। इस पर खर्च और इसको चलाने की पूरी जानकारी देनी होगी। 10 अक्तूबर को एसएसपी सीआईडी मुख्यालय की ओर से इसे लेकर नोटिफिकेशन भी जारी किया गया था।
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क्या है मौजूदा कार्यप्रणाली
पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन करने के बाद सीआईडी के पास वेरिफिकेशन करने का दस्तावेज भेजा जाता है। इसके बाद सीआईडी मुख्यालय से संबंधित क्षेत्र के सीआईडी एसओ को संपर्क किया जाता है। इसके बाद एसओ वेरिफिकेशन करने के बाद सीआईडी मुख्यालय पहुंचाता है। फिर एसएसपी, आईजी और एडीजीपी के हस्ताक्षर होते हैं। यह सारी प्रक्रिया डाक से होती है। जिसमें कम से 20 दिन लग जाते हैं।
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ई वेरिफिकेशन से क्या होगा
संभव है कि सभी एसओ को आईपैड, लैपटॉप या फिर कोई ऐसा मोबाइल एप एसओ स्तर के अधिकारियों को दिया जाए जिससे सीआईडी मुख्यालय के पास वेरिफिकेशन पहुंचते ही उसके तुरंत बाद संबंधित क्षेत्र के एसओ को भेज दिया जाएगा। एसओ अपने क्षेत्र में पासपोर्ट आवेदक की वेरिफिकेशन करेगा और वहीं से इसकी जानकारी लेकर दस्तावेज अपलोड करेगा। उसी समय यह वेरिफिकेशन मुख्यालय के पास दोबारा पहुंच जाएगा।
कितना समय बच सकता है
पुलिस महकमे ने कंपनियों से सिस्टम की जानकारी मांगी है। अब यह कंपनियां तय करेंगी कि यह सब किस तरह से होगा और इसे कम से कम कितना समय बचेगा। सूत्रों की मानें तो ई-वेरिफिकेशन सिस्टम से 4 से 5 दिन के भीतर ही वेरिफिकेशन हो सकता है।
संभव है कि सभी एसओ को आईपैड, लैपटॉप या फिर कोई ऐसा मोबाइल एप एसओ स्तर के अधिकारियों को दिया जाए जिससे सीआईडी मुख्यालय के पास वेरिफिकेशन पहुंचते ही उसके तुरंत बाद संबंधित क्षेत्र के एसओ को भेज दिया जाएगा। एसओ अपने क्षेत्र में पासपोर्ट आवेदक की वेरिफिकेशन करेगा और वहीं से इसकी जानकारी लेकर दस्तावेज अपलोड करेगा। उसी समय यह वेरिफिकेशन मुख्यालय के पास दोबारा पहुंच जाएगा।
कितना समय बच सकता है
पुलिस महकमे ने कंपनियों से सिस्टम की जानकारी मांगी है। अब यह कंपनियां तय करेंगी कि यह सब किस तरह से होगा और इसे कम से कम कितना समय बचेगा। सूत्रों की मानें तो ई-वेरिफिकेशन सिस्टम से 4 से 5 दिन के भीतर ही वेरिफिकेशन हो सकता है।