जम्मू-कश्मीर: पुलवामा बरसी से पहले हमले की साजिश, जैश के दो मददगार हथियारों के साथ गिरफ्तार
पकड़े गए दोनों दहशतगर्द राजोरी जेल में बंद ओजीडब्ल्यू फिरदौस के संपर्क में थे। स्कूटी पर हथियार ले जाने के दौरान पकड़े गए। इसमें चीन निर्मित 25 ग्रेनेड, एक पिस्टल, दो मैगजीन, 230 राउंड,10 एके मैगजीन व 300 कारतूस बरामद हुए है।
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पुलवामा हमले की बरसी के ठीक एक दिन पहले सोमवार को सुरक्षाबलों ने एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए भारी मात्रा में हथियारों व अन्य सामग्री के साथ जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार मिले हैं।
हथियारों का यह जखीरा पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले के लिए आतंकियों तक पहुंचाया जाना था। एक अधिकारी ने बताया कि पुलवामा में हथियारों की खेप पहुंचने का इनपुट मिला था। कार्रवाई के लिए पुलिस और सेना की विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान नायना भटपोरा थाना क्षेत्र में स्कूटी सवार दो युवकों को एक संदिग्ध बैग के साथ पकड़ा गया। तलाशी लेने बैग से भारी मात्रा में हथियार, जिनमें 25 चीन निर्मित ग्रेनेड, एक पिस्टल, दो पिस्टल मैगजीन के साथ 230 राउंड, 10 एके मैगजीन और 300 एके राउंड बरामद किए गए। इसके अलावा अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई है। आरोपियों की पहचान शौकत अहमद डिगू (30) निवासी नायना और उसके सेंथर निवासी नाबालिग के रूप में हुई है।
सख्ती से पूछताछ करने पर शौकत अहमद ने खुलासा किया कि वह जेल में बंद आतंकी मददगार फिरदौस अहमद भट निवासी नायना के संपर्क में था, जो वर्तमान में पुलिस चौकी लिट्टर में दर्ज एक मामले में केंद्रीय जेल राजोरी में बंद है। ये आतंकी मददगार जैश के लिए काम करते हैं और हथियारों, रसद के साथ अन्य सामग्री आतंकियों तक पहुंचाते हैं। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।