{"_id":"61b7b0195110094dc60616db","slug":"jammu-kashmir-order-court-city-reporter-news-jmu249775745","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा मेट्रोलाइट परियोजना के पूरा होने का समय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा मेट्रोलाइट परियोजना के पूरा होने का समय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। हाईकोर्ट ने जम्मू शहर में मेट्रोलाइट परियोजना को पूरा करने का समय बताने के आदेश दिए हैं। सरकार से इसे लेकर एक तय समय हलफनामा में दायर कर पेश करने के लिए कहा है। अंबफला-जानीपुर मार्ग को चौड़ा करने संबंधी याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश इकवाल वानी वाली खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। बता दें कि 2008 में जानीपुर से शकुंतला तक फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ, जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया।
खंडपीठ ने सरकारी वकील से कहा कि सरकार बताए कि यदि उन्होंने शहर में मेट्रोलाइट प्रोजेक्ट मंजूर किया है तो इसका काम कब तक पूरा होगा। 23 दिसंबर, 2021 तक इसकी जानकारी हलफनामे में दायर होनी चाहिए। सरकारी पक्ष ने अपनी दलील में ठोस दावे के साथ कहा है कि फ्लाईओवर के निर्माण के लिए ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन अब जम्मू शहर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत है। जम्मू शहर के लिए मेट्रोलाइट प्रोजेक्ट है, जिससे यातायात सुगम होगा। जेएनएफ
-------
तीन पर लगा पीएसए हटा
जम्मू। राजोरी जिला उपायुक्त की ओर से तीन लोगों पर लगाए गए पीएसए को हटा दिया गया है। गुलाम दीन, मोहम्मद जाहूर वानी और अली हैदर पर 20 मई, 2021 को पीएसए लगाया गया था। इन लोगों ने हाईकोर्ट में पीएसए के आदेश को चुनौती दी थी। न्यायाधीश ताछी रबस्टन ने सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई की। जेएनएफ
विज्ञापन
-------
कांस्टेबल को कार से कुचलने
वाले की जमानत अर्जी खारिज
जम्मू। मांडा नाके पर पुलिस कांस्टेबल को वाहन से कुचलने वाले की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है। आरोपी शाह मोहम्मद ने कांस्टेबल क्यूम अली को वाहन से टक्कर मारी थी। वारदात 24 नवंबर को हुई थी। आरोपी ने सीजेएम अदालत जम्मू में इसे लेकर जमानत अर्जी दायर की थी। सीजेएम अमरजीत सिंह ने सोमवार को इस मामले पर सुनवाई की। बता दें कि शाह मोहम्मद और अली मोहम्मद कार में थे। शाह मोहम्मद कार चला रहा था, जिसने कांस्टेबल को टक्कर मार दी। जबकि यह कार फारूक अहमद के नाम पर है। फारूक अहमद वारदात के दिन तीन बार टिप्पर लेकर उक्त नाके से गुजरा था। जब तीसरी बार गुजरा तो इसे पुलिस ने जांच के लिए रोका हुआ था। जेएनएफ
-----
ट्रांसफर वन भूमि का छह
हफ्तों में जवाब तलब
जम्मू। हाईकोर्ट में वन भूमि ट्रांसफर करने संबंधी आदेश को रद्द करने की याचिका दायर की गई है। सभी संबंधित पक्षों को इस मामले में अपनी आपत्तियां हलफनामे में दायर करने के लिए कहा है। गुलाम मोहम्मद और अन्य ने याचिका दायर कर इस आदेश को रद्द करने की मांग की थी। कहा था कि यह भूमि जनजातीय समुदाय की है, जिसको लोग इस्तेमाल कर सकते हैं न कि किसी आरे कार्य के लिए। लेकिन सरकार ने यह जमीन न्यायालय के ढांचा विस्तार के लिए ट्रांसफर कर दी। मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश संजय धर वाली खंडपीठ ने सोमवार को इस मामले पर सुनवाई की। छह हफ्तों के भीतर इसे लेकर हलफनामा दायर करना होगा। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए अधिवक्ता शाह मोहम्मद चौधरी ने कहा कि अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत, संपत्ति में अधिकार याचिकाकर्ताओं को प्राप्त हुए हैं जो दावा करते हैं कि वन भूमि पर रहने वाले आदिवासी हैं और इसलिए, उनके द्वारा कब्जा की गई भूमि का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि उनके निवास के लिए किया जा सकता है। जेएनएफ
--------
फर्जीवाड़े में पूर्व एडीसी
समेत अन्य पर चार्जशीर्ट
जम्मू। भ्रष्टाचार के मामले में उधमपुर एंटी करप्शन कोर्ट के अतिरिक्त जिला जज एससी काटल ने सोमवार को पूर्व एडीसी और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए। आरोपियों में पूर्व एडीसी नासिर इकबाल पर्रे, पूर्व पटवारी मोहम्मद सलीम बांडे और लाभार्थी प्रीतम सिंह, शमशेर सिंह, बलविंदर सिंह, सुभाष सिंह, संसार सिंह, सतपाल सिंह, धर्म सिंह और कुलदीप सिंह शामिल हैं। आरोप है कि उक्त अधिकारियों ने इन लोगों के नाम पर फर्जी तौर पर जमीन के मुआवजे के रूप में 29 लाख रुपये जारी किए। इससे सरकारी खजाने में सेंध लगी। जज ने इन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप तय किए हैं। जेएनएफ
विज्ञापन
खंडपीठ ने सरकारी वकील से कहा कि सरकार बताए कि यदि उन्होंने शहर में मेट्रोलाइट प्रोजेक्ट मंजूर किया है तो इसका काम कब तक पूरा होगा। 23 दिसंबर, 2021 तक इसकी जानकारी हलफनामे में दायर होनी चाहिए। सरकारी पक्ष ने अपनी दलील में ठोस दावे के साथ कहा है कि फ्लाईओवर के निर्माण के लिए ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन अब जम्मू शहर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत है। जम्मू शहर के लिए मेट्रोलाइट प्रोजेक्ट है, जिससे यातायात सुगम होगा। जेएनएफ
विज्ञापन
-------
तीन पर लगा पीएसए हटा
जम्मू। राजोरी जिला उपायुक्त की ओर से तीन लोगों पर लगाए गए पीएसए को हटा दिया गया है। गुलाम दीन, मोहम्मद जाहूर वानी और अली हैदर पर 20 मई, 2021 को पीएसए लगाया गया था। इन लोगों ने हाईकोर्ट में पीएसए के आदेश को चुनौती दी थी। न्यायाधीश ताछी रबस्टन ने सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई की। जेएनएफ
विज्ञापन
-------
कांस्टेबल को कार से कुचलने
वाले की जमानत अर्जी खारिज
जम्मू। मांडा नाके पर पुलिस कांस्टेबल को वाहन से कुचलने वाले की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है। आरोपी शाह मोहम्मद ने कांस्टेबल क्यूम अली को वाहन से टक्कर मारी थी। वारदात 24 नवंबर को हुई थी। आरोपी ने सीजेएम अदालत जम्मू में इसे लेकर जमानत अर्जी दायर की थी। सीजेएम अमरजीत सिंह ने सोमवार को इस मामले पर सुनवाई की। बता दें कि शाह मोहम्मद और अली मोहम्मद कार में थे। शाह मोहम्मद कार चला रहा था, जिसने कांस्टेबल को टक्कर मार दी। जबकि यह कार फारूक अहमद के नाम पर है। फारूक अहमद वारदात के दिन तीन बार टिप्पर लेकर उक्त नाके से गुजरा था। जब तीसरी बार गुजरा तो इसे पुलिस ने जांच के लिए रोका हुआ था। जेएनएफ
-----
ट्रांसफर वन भूमि का छह
हफ्तों में जवाब तलब
जम्मू। हाईकोर्ट में वन भूमि ट्रांसफर करने संबंधी आदेश को रद्द करने की याचिका दायर की गई है। सभी संबंधित पक्षों को इस मामले में अपनी आपत्तियां हलफनामे में दायर करने के लिए कहा है। गुलाम मोहम्मद और अन्य ने याचिका दायर कर इस आदेश को रद्द करने की मांग की थी। कहा था कि यह भूमि जनजातीय समुदाय की है, जिसको लोग इस्तेमाल कर सकते हैं न कि किसी आरे कार्य के लिए। लेकिन सरकार ने यह जमीन न्यायालय के ढांचा विस्तार के लिए ट्रांसफर कर दी। मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश संजय धर वाली खंडपीठ ने सोमवार को इस मामले पर सुनवाई की। छह हफ्तों के भीतर इसे लेकर हलफनामा दायर करना होगा। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए अधिवक्ता शाह मोहम्मद चौधरी ने कहा कि अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत, संपत्ति में अधिकार याचिकाकर्ताओं को प्राप्त हुए हैं जो दावा करते हैं कि वन भूमि पर रहने वाले आदिवासी हैं और इसलिए, उनके द्वारा कब्जा की गई भूमि का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि उनके निवास के लिए किया जा सकता है। जेएनएफ
--------
फर्जीवाड़े में पूर्व एडीसी
समेत अन्य पर चार्जशीर्ट
जम्मू। भ्रष्टाचार के मामले में उधमपुर एंटी करप्शन कोर्ट के अतिरिक्त जिला जज एससी काटल ने सोमवार को पूर्व एडीसी और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए। आरोपियों में पूर्व एडीसी नासिर इकबाल पर्रे, पूर्व पटवारी मोहम्मद सलीम बांडे और लाभार्थी प्रीतम सिंह, शमशेर सिंह, बलविंदर सिंह, सुभाष सिंह, संसार सिंह, सतपाल सिंह, धर्म सिंह और कुलदीप सिंह शामिल हैं। आरोप है कि उक्त अधिकारियों ने इन लोगों के नाम पर फर्जी तौर पर जमीन के मुआवजे के रूप में 29 लाख रुपये जारी किए। इससे सरकारी खजाने में सेंध लगी। जज ने इन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप तय किए हैं। जेएनएफ