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जम्मू-कश्मीर: अब घर बैठे अपनी जमीन के बारे में लें जानकारी, नहीं हो पाएगा फर्जीवाड़ा, जानिए प्रक्रिया

Sat, 23 Oct 2021 03:42 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Sat, 23 Oct 2021 03:42 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल ने आपकी जमीन आपकी निगरानी भूमि दस्तावेज सूचना प्रणाली का शुभारंभ किया। सभी जिलों के जमीन संबंधी दस्तावेजों को स्कैन कर किया गया ऑनलाइन।

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Jammu-Kashmir: Now get information about your land sitting at home, forgery will not happen
फर्जीवाड़ा - फोटो : demo pic

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के लोग अब घर बैठे अपनी जमीन के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। प्रदेश के सभी जिलों के जमीन संबंधी दस्तावेजों को स्कैन कर ऑनलाइन कर दिया गया है। अब दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा। शुक्रवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने आपकी जमीन-आपकी निगरानी भूमि दस्तावेज सूचना प्रणाली का शुभारंभ किया।

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यह डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत किया गया है। इस अवसर पर उप राज्यपाल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति लैंडरिकॉर्ड्स डॉट जेके डॉट जीओवीडॉट आईएन पर लॉगइन कर अपने जमीन संबंधी दस्तावेजों को आसानी से देख सकता है। यह भूमि दस्तावेजों तक ऑनलाइन पहुंच का रास्ता तय करने के साथ ही जमीन संबंधी दस्तावेजों से छेड़छाड़ को कम करेगा।
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साथ ही राजस्व कार्यालयों की कार्यक्षमता को भी बढ़ाएगा। उन्होंने राजस्व विभाग तथा सभी डीसी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में पारदर्शी तथा जिम्मेदार सुशासन प्रणाली की यह यात्रा तब तक नहीं रुकेगी जब तक सभी सेक्टर में इसे लागू न कर दिया जाए।
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यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: कुख्यात पत्थरबाजों-ओजीडब्ल्यू को दूसरे प्रदेश की जेलों में भेजने की प्रक्रिया शुरू, पहली सूची जारी

7.70 करोड़ पेज व 55216 मानचित्र स्कैन
कार्यक्रम के तहत राजस्व रिकॉर्ड के लिए 7.70 करोड़ पेज व 55216 मानचित्र स्कैन किए गए हैं। इसके अलावा 3895 ग्राउंड कंट्रोल प्वाइंट्स स्थापित किए गए हैं। वेब आधारित जीआईएस भी विकसित किए गए हैं। यह योजना अप्रैल 2016 में लागू किया गया था।

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