Terror Funding Case: जमात-ए-इस्लामी पर शिकंजा, 17 ठिकानों पर एनआईए का छापा
यह कार्रवाई कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम, गांदरबल, बांदीपोरा और बडगाम तथा जम्मू संभाग के किश्तवाड़ और जम्मू जिले में की गई। इससे पहले एनआईए ने आठ और नौ अगस्त को छापेमारी के दौरान प्रदेश के 14 जिलों में 61 जगहों पर छापेमारी की गई थी।
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आतंकी फंडिंग के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के सात जिलों में जमात-ए-इस्लामी के 17 ठिकानों पर छापे मारे। जमात के पदाधिकारियों और सदस्यों के परिसरों और संदिग्धों के परिसरों से छापे के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम, गांदरबल, बांदीपोरा और बडगाम तथा जम्मू संभाग के किश्तवाड़ और जम्मू जिले में की गई। इससे पहले एनआईए ने आठ और नौ अगस्त को छापेमारी के दौरान प्रदेश के 14 जिलों में 61 जगहों पर छापेमारी की गई थी।
एनआईए प्रवक्ता के अनुसार, बुधवार की सुबह जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ जमात -ए-इस्लामी के से जुड़े लोगों और उनके समर्थकों के ठिकानों पर कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले माह जमात से जुड़े एक दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ के बाद की गई। एजेंसी ने पिछले माह स्थानीय मुख्यालय में इन संदिग्धों से पूछताछ की थी।
एनआईए की अब तक की जांच से पता चला है कि जमात के सदस्य विशेष रूप से कल्याणकारी कामों के नाम पर जकात, मौदा और बैत-उल-मल के रूप में दान के माध्यम से घरेलू और विदेशों में धन इकट्ठा करते रहे हैं, लेकिन इन फंडों का उपयोग हिंसक और अलगाववादी गतिविधियोंको अंजाम देने के लिए किया गया। इस पैसे से जमात के कैडर के नेटवर्क को सुगठित करने के साथ-साथ हिजबुल, लश्कर जैसे आतंकी संगठनों को भी अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भी दिया गया। फंड का उपयोग आतंकी तंजीमों में नए सदस्यों की भर्ती करने में किया गया।
10 अक्तूूबर को 16 जगहों पर मारा था छापा
इससे पहले 10 अक्तूबर यानी रविवार को भी एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में 16 जगहों पर छापा मारा था। एनआईए ने कुलगाम, बारामुला, श्रीनगर, अनंतनाग में कार्रवाई की थी। जानकारी के अनुसार, वॉयस ऑफ हिंद पत्रिका से जुड़े मामलों में यह कार्रवाई की गई है। टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) के कमांडर सज्जाद गुल के घर पर भी अधिकारियों ने छापा मारा। 'वॉयस ऑफ हिंद' पत्रिका (जिसका मकसद युवाओं को उकसाना और कट्टरपंथी बनाना है) के प्रकाशन और आईईडी की बरामदगी के संबंध में जम्मू-कश्मीर में 16 जगहों पर कार्रवाई हुई। जिसमें एजाज अहमद टाक पुत्र गुलाम मोहम्मद टाक, मुदासिर अहमद अहंगर पुत्र गुलाम मोहिउद्दीन अहंगर, नसीर मंजूर मीर पुत्र मंज़ूर अहमद मीर और जुनैद हुसैन खान पुत्र मोहम्मद हुसैन खान को अचबल थाने ले जाया गया और उनसे पूछताछ की गई।
12 अक्तूबर को भी 16 जगहों पर मारा था छापा
इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी संबंधी गतिविधियों के मद्देनजर मंगलवार को 16 जगहों पर छापेमारी की थी। एनआईए ने यह छापा लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेएम), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम), अल बद्र, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), पीपल अगेंस्ट फासिस्ट फोर्सेज (पीएएफएफ), मुजाहिदीन गजवतुल हिंद (एमजीएच) समेत विभिन्न आतंकी संगठनों की साजिशों का पर्दाफाश करने के लिए मारा था। सूत्रों के अनुसार 10 अक्तूबर को नया मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद एनआईए द्वारा छापेमारी की गई।
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13 अक्तूबर को भी दो जगहों पर मारा था छापा
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में दो स्थानों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान स्थित लश्कर की शाखा, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के खिलाफ एक नए मामले के सिलसिले में छापेमारी की। एनआईए ने इस दौरान पांच और आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आतंकियों की पहचान मोहम्मद हनीफ चिरालू, हफीज, ओवैस दार, मतीन भट और आरिफ फारूक भट के रूप में हुई। यह मामला लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, अल बदर और उनके सहयोगियों के कैडर द्वारा जम्मू-कश्मीर और अन्य प्रमुख शहरों में हिंसक आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश रचने से संबंधित है।