जम्मूः डालसर झील परियोजना के तहत बने ढांचे का होगा पुनरुद्धार
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पटनीटॉप डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ सचिन देव सिंह जम्वाल ने सोमवार को तकनीकी टीम के साथ रामनगर की डालसर झील परियोजना का दौरा किया। उन्होंने परियोजना के तहत विकसित किए ढांचे के पुनरुद्धार की योजना पर विचार विमर्श किया।
डालसर झील परियोजना 2004-05 के दौरान पटनीटॉप डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा विकसित की गई थी। इसमें झील के चारों ओर रोशनी के साथ गेस्ट हाउस, स्विमिंग पूल, व्यू पॉइंट और रास्ते सहित विभिन्न बुनियादी ढांचे शामिल हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया है।
इसके लिए रामनगर टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी ने 25 जनवरी को पटनीटॉप डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ को एक ज्ञापन सौंपा था और इसके पुनरुद्धार की मांग की थी, ताकि रामनगर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
स्विमिंग पूल और गेस्ट हाउस जर्जर हालत में
रामनगर टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष रविकांत ने कहा कि डालसर झील ताजे पानी की झील है लेकिन स्थानीय लोग इसे कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। झील का पानी पीने योग्य नहीं रहा। स्विमिंग पूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। गेस्ट हाउस भी जर्जर हालत में है। परियोजना के कैचमेंट के परिसर को स्थानीय लोग घरेलू जानवरों आदि रखने को इस्तेमाल कर रहे हैं। रास्ते टूट गए हैं और खुली जगह जंगली घास व झाड़ियों से भर गई है।