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Jammu News: कोर्ट ने हत्या के प्रयास के आरोपी को किया बरी
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श्रीनगर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बारामुला अमरजीत सिंह लंगेह ने हत्या के प्रयास के आरोपी अब्दुल मजीद गनी को बरी कर दिया। आरोपी को बरी करते हुए न्यायाधीश ने आदेश दिया कि इस निर्णय की एक प्रति पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भेजी जाए, ताकि दोषपूर्ण और गैर-पेशेवर जांच के संबंध में उचित कार्रवाई की जा सके।
पुलिस मामले के अनुसार, 6 मई 2021 को शिकायतकर्ता जफर अहमद त्राम्बू (पीडबल्यू-1) ने पुलिस थाना क्रेरी में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी ने उसे मारने की मंशा से पत्थरों से हमला किया। उसके कर्मचारियों को भी परेशान किया, जो फैक्ट्री के गेट (मैक्स वॉटर प्लांट के पास) के पास काम कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके कर्मचारियों को धमकाया।
इस शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने उक्त अपराध किए और चार्जशीट प्रस्तुत की गई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद टिप्पणी की कि रिकॉर्ड के अनुसार, शिकायतकर्ता को कोई गंभीर चोट नहीं आई। यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी को किस कारण से गुस्सा आया। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामला जांच में बेहद गैर-पेशेवर और लापरवाह तरीके से संभाला गया है। कोर्ट ने आगे कहा कि मामले में आरोपों के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है और आरोप तय करने के लिए कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है। इसलिए, आरोपी को बरी किया गया और चार्जशीट खारिज कर दी गई।
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पुलिस मामले के अनुसार, 6 मई 2021 को शिकायतकर्ता जफर अहमद त्राम्बू (पीडबल्यू-1) ने पुलिस थाना क्रेरी में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी ने उसे मारने की मंशा से पत्थरों से हमला किया। उसके कर्मचारियों को भी परेशान किया, जो फैक्ट्री के गेट (मैक्स वॉटर प्लांट के पास) के पास काम कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके कर्मचारियों को धमकाया।
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इस शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने उक्त अपराध किए और चार्जशीट प्रस्तुत की गई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद टिप्पणी की कि रिकॉर्ड के अनुसार, शिकायतकर्ता को कोई गंभीर चोट नहीं आई। यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी को किस कारण से गुस्सा आया। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामला जांच में बेहद गैर-पेशेवर और लापरवाह तरीके से संभाला गया है। कोर्ट ने आगे कहा कि मामले में आरोपों के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है और आरोप तय करने के लिए कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है। इसलिए, आरोपी को बरी किया गया और चार्जशीट खारिज कर दी गई।
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