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विरासत को सहेजें युवा, संरक्षण के कार्य से जुड़ें : उपराज्यपाल
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श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शुक्रवार को श्रीनगर में चल रहे हेरिटेज फेस्टिवल सोन मीरास में पहुंचे। उन्होंने शहरों के विकास और शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए विरासत को सहेजने पर जोर दिया।
कहा कि भावी पीढ़ी को इसके लिए तैयार करना जरूरी है और इसके लिए युवाओं को विरासत संरक्षण कार्य से जोड़ना चाहिए। उपराज्यपाल ने इस दौरान भाग लेने वाले सभी कारीगरों और कलाकारों को बधाई दी और जिला प्रशासन श्रीनगर और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए), क्षेत्रीय केंद्र जम्मू कश्मीर द्वारा संयुक्त पहल की सराहना की।
उन्होंने कहा कि श्रीनगर हेरिटेज फेस्टिवल हमारे महान कारीगरों, लोक कलाकारों, लेखकों की उपलब्धियों और योगदान को याद करता है और हमारी अनूठी और विविध सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करता है जो भविष्य के विकास को प्रेरित करेगी।
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उपराज्यपाल ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सुनियोजित नीतियों और उनके समयबद्ध कार्यान्वयन ने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे शिल्पकारों, कारीगरों और कलाकारों को समृद्ध और फलने-फूलने के लिए बेहतर संसाधन और अवसर प्रदान किए जाएं। सिन्हा ने जम्मू कश्मीर के सांस्कृतिक केंद्र के रूप में श्रीनगर शहर के उभरने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के शहरों को प्राचीन परंपराओं और आधुनिक सुविधाओं के संगम में बदलने के लिए सरकार द्वारा समर्पित उपाय किए गए हैं। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता फैलाने में युवाओं, कलाकार समुदाय और प्रबुद्ध नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
विरासत का संरक्षण और उसे बढ़ावा देना शहरों के सतत विकास और शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने आइकॉनिक वूमन ऑफ जेएंडके नामक पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने श्रीनगर हेरिटेज फेस्टिवल में भाग लेने वाले छात्रों और कलाकारों को भी सम्मानित किया।
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कहा कि भावी पीढ़ी को इसके लिए तैयार करना जरूरी है और इसके लिए युवाओं को विरासत संरक्षण कार्य से जोड़ना चाहिए। उपराज्यपाल ने इस दौरान भाग लेने वाले सभी कारीगरों और कलाकारों को बधाई दी और जिला प्रशासन श्रीनगर और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए), क्षेत्रीय केंद्र जम्मू कश्मीर द्वारा संयुक्त पहल की सराहना की।
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उन्होंने कहा कि श्रीनगर हेरिटेज फेस्टिवल हमारे महान कारीगरों, लोक कलाकारों, लेखकों की उपलब्धियों और योगदान को याद करता है और हमारी अनूठी और विविध सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करता है जो भविष्य के विकास को प्रेरित करेगी।
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उपराज्यपाल ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सुनियोजित नीतियों और उनके समयबद्ध कार्यान्वयन ने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे शिल्पकारों, कारीगरों और कलाकारों को समृद्ध और फलने-फूलने के लिए बेहतर संसाधन और अवसर प्रदान किए जाएं। सिन्हा ने जम्मू कश्मीर के सांस्कृतिक केंद्र के रूप में श्रीनगर शहर के उभरने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के शहरों को प्राचीन परंपराओं और आधुनिक सुविधाओं के संगम में बदलने के लिए सरकार द्वारा समर्पित उपाय किए गए हैं। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता फैलाने में युवाओं, कलाकार समुदाय और प्रबुद्ध नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
विरासत का संरक्षण और उसे बढ़ावा देना शहरों के सतत विकास और शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने आइकॉनिक वूमन ऑफ जेएंडके नामक पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने श्रीनगर हेरिटेज फेस्टिवल में भाग लेने वाले छात्रों और कलाकारों को भी सम्मानित किया।