{"_id":"66d65f75c37cf5aa820af198","slug":"jammu-kashmir-news-srinagar-news-c-10-jam1006-432951-2024-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेशनल कांफ्रेंस की आलोचना नहीं कर रही, केवल सच्चाई बता रही हूं: महबूबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेशनल कांफ्रेंस की आलोचना नहीं कर रही, केवल सच्चाई बता रही हूं: महबूबा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि वह नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) की आलोचना नहीं कर रही, केवल सच्चाई बता रही हैं। वह नजीर अहमद डार के पीडीपी में शामिल होने के बाद पुलवामा में पत्रकारों से बात कर रही थीं।
उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर नेशनल कांफ्रेंस पर निशाना साधा। कहा कि जहां पीडीपी का भाजपा के साथ गठबंधन मुद्दों पर आधारित था वहीं नेशनल कांफ्रेंस का गठबंधन समस्याएं लेकर आया। महबूबा ने कहा, उमर अब्दुल्ला भाजपा सरकार में मंत्री थे। वे यहां पोटा (आतंकवाद निरोधक अधिनियम) लाए, शहतूश (शॉल) पर प्रतिबंध लगा दिया। वे पाकिस्तान पर हमले की वकालत कर रहे थे।
महबूबा ने कहा, जब हमने भाजपा के साथ सरकार बनाई थी, तो कुछ शर्तें थीं। हमारी सरकार ने 12,000 एफआईआर वापस ले ली, हम हुर्रियत के साथ बातचीत के लिए दिल्ली से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल लाए थे। हमने संघर्ष विराम किया था। उन्होंने कहा कि अंतर इस बात से स्पष्ट है कि उमर अब्दुल्ला सरकार ने 2009 में शोपियां में दो महिलाओं की मौत को कैसे संभाला और उनकी सरकार ने कठुआ दुष्कर्म और हत्या मामले को कैसे संभाला। उन्होंने कहा, मैंने दो मौजूदा (भाजपा) मंत्रियों को हटा दिया। यह विरोध नहीं है, ये तथ्य हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर नेशनल कांफ्रेंस पर निशाना साधा। कहा कि जहां पीडीपी का भाजपा के साथ गठबंधन मुद्दों पर आधारित था वहीं नेशनल कांफ्रेंस का गठबंधन समस्याएं लेकर आया। महबूबा ने कहा, उमर अब्दुल्ला भाजपा सरकार में मंत्री थे। वे यहां पोटा (आतंकवाद निरोधक अधिनियम) लाए, शहतूश (शॉल) पर प्रतिबंध लगा दिया। वे पाकिस्तान पर हमले की वकालत कर रहे थे।
विज्ञापन
महबूबा ने कहा, जब हमने भाजपा के साथ सरकार बनाई थी, तो कुछ शर्तें थीं। हमारी सरकार ने 12,000 एफआईआर वापस ले ली, हम हुर्रियत के साथ बातचीत के लिए दिल्ली से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल लाए थे। हमने संघर्ष विराम किया था। उन्होंने कहा कि अंतर इस बात से स्पष्ट है कि उमर अब्दुल्ला सरकार ने 2009 में शोपियां में दो महिलाओं की मौत को कैसे संभाला और उनकी सरकार ने कठुआ दुष्कर्म और हत्या मामले को कैसे संभाला। उन्होंने कहा, मैंने दो मौजूदा (भाजपा) मंत्रियों को हटा दिया। यह विरोध नहीं है, ये तथ्य हैं।
विज्ञापन