Kulgam Encounter: कुलगाम में स्थानीय आतंकियों के मौजूद होने की आशंका, आतंकवाद को पुनर्जीवित करने का प्रयास
डीजीपी स्वैन ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति थी, लेकिन अब चीजें बिल्कुल अलग हैं। उन्होंने कहा, आतंकवाद को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया था, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सकते। जम्मू में आतंकवाद या इसके पारिस्थितिकी तंत्र के पुनरुत्थान का कोई माहौल नहीं है।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) आरआर स्वैन ने कहा कि कुलगाम में दो मुठभेड़ों में अब तक छह आतंकी मारे जा चुके हैं। डीजीपी ने कहा कि छह आतंकवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। मुठभेड़ में दो सैनिक बलिदान हुए हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय आतंकियों की मौजूदगी की भी आशंका है। डीजीपी ने कहा कि कुलगाम में सफल ऑपरेशन और जनसहयोग से ऐसा लगता है कि हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को जल्द ही इसके तार्किक निष्कर्ष पर ले जाने में सक्षम होंगे।
मारे गए दहशतगर्द हिजबुल मुजाहिदीन व लश्कर-ए-ताइबा के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ( टीआरएफ ) से जुड़े हुए थे। इनके पास से तीन एके -47 राइफल, एक पिस्तौल व गोला-बारूद बरामद किया गया है।
मारे गए आतंकियों की शिनाख्त यावर बशीर निवासी कैमोह, जाहिद अहमद डार निवासी यारीपोरा, तौहीद अहमद राथर निवासी, शकील अहमद वानी निवासी कुलगाम के रूप में हुई है। अन्य दो आतंकियों की भी पहचान की जा रही है। मुदरघम में हुई मुठभेड़ में पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन और चिन्नीगाम में राष्ट्रीय राइफल्स के सिपाही प्रवीण प्रभाकर बलिदान हुए हैं।
बलिदानी प्रदीप कुमार हरियाणा और प्रभाकर महाराष्ट्र के रहने वाले
कुलगाम जिले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना के दो जवान बलिदान हुए हैं। मुदरघम मुठभेड़ में पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप कुमार और फ्रिसल में राष्ट्रीय राइफल्स के सिपाही प्रवीण जंजाल प्रभाकर ने अपने प्राणों की आहुति दी। प्रदीप नैन (28) हरियाणा के जींद जिले के जाजनवाला गांव और प्रभाकर जंजाल (26) महाराष्ट्र के अकोला जिले के रहने वाले हैं।
चिनार कोर कमांडर, मुख्य सचिव जम्मू-कश्मीर, डीजीपी जम्मू-कश्मीर और सभी रैंक के अधिकारियों ने लांस नायक प्रदीप कुमार और सिपाही प्रवीण जंजाल प्रभाकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना ने एक्स पर जारी पोस्ट में दोनों बहादुरों की वीरता और बलिदान को सलाम किया।
सैन्य अधिकारियों ने कहा कि हम शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। सैन्य जवान प्रभाकर जंजाल (26) का अंतिम संस्कार आठ जुलाई को महाराष्ट्र के अकोला जिले में उनके पैतृक गांव में होगा। अकोला के तहसीलदार ने कहा कि सोमवार को बलिदानी का पैतृक गांव मोरगांव भाकरे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रभाकर जंजाल 2019 में सेना में भर्ती हुए थे और 2020 में द्वितीय महार रेजिमेंट में थे। वह पहले मणिपुर में तैनात थे और फिर चार महीने पहले सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (विशेष दस्ते) के हिस्से के रूप में कुलगाम जिले में तैनात किए गए। कुछ महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी।