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Jammu News: जम्मू कश्मीर शरणार्थी एक्शन कमेटी ने भोली चक में किया प्रदर्शन
Mon, 23 Feb 2026 02:19 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 23 Feb 2026 02:19 AM IST
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आरएस पुरा। जम्मू कश्मीर शरणार्थी एक्शन कमेटी के सदस्यों ने गांव भोली चक में लंबित मांगों को लेकर रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। इसकी अध्यक्षता जम्मू कश्मीर शरणार्थी एक्शन कमेटी के आरएस पुरा के प्रधान भगवान सिंह भुल्लर कर रहे थे।
इसमें पाक अधिकृत शरणार्थी परिवारों को बकाया मुआवजा देने सहित अन्य मांगों पर चर्चा की गई। प्रधान भगवान सिंह भुल्लर और महासचिव सुरजीत समोत्रा ने कहा कि सरकार की तरफ से शरणार्थी परिवारों के साथ वादा किया था कि उन्हें 30 लाख रुपये मुआवजा राशि उपलब्ध करवाई जाएगी लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से सिर्फ साढ़े पांच लाख रुपए ही दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगते गांव में रहने वाले विस्थापित परिवारों को सरकार की तरफ से निशुल्क बिजली दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार की तरफ से सीमावर्ती क्षेत्रों में बंकर बनाने की बात कही गई थी लेकिन अब तक बंकर बनाने का काम शुरू नहीं हुआ है। महासचिव सुरजीत समोत्रा ने कहा कि वर्ष 1965 तथा 71 के शरणार्थी परिवारों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक मिलना चाहिए और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले शरणार्थी परिवारों की तर्ज पर अनुसूचित जनजाति का दर्जा भी दिया जाए।
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जम्मू कश्मीर शरणार्थी एक्शन कमेटी के सदस्यों ने केंद्र व जम्मू कश्मीर सरकार से कहा कि लंबित मांगों को पूरा किया जाए । इस दौरान कमेटी के उपाध्यक्ष त्रिलोक सिंह, महासचिव सुरजीत समोत्रा, कोषाध्यक्ष तरसेम सिंह, सुशील सिंह करण सिंह दयाल सिंह मौजूद रहे। संवाद
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इसमें पाक अधिकृत शरणार्थी परिवारों को बकाया मुआवजा देने सहित अन्य मांगों पर चर्चा की गई। प्रधान भगवान सिंह भुल्लर और महासचिव सुरजीत समोत्रा ने कहा कि सरकार की तरफ से शरणार्थी परिवारों के साथ वादा किया था कि उन्हें 30 लाख रुपये मुआवजा राशि उपलब्ध करवाई जाएगी लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से सिर्फ साढ़े पांच लाख रुपए ही दिए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगते गांव में रहने वाले विस्थापित परिवारों को सरकार की तरफ से निशुल्क बिजली दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार की तरफ से सीमावर्ती क्षेत्रों में बंकर बनाने की बात कही गई थी लेकिन अब तक बंकर बनाने का काम शुरू नहीं हुआ है। महासचिव सुरजीत समोत्रा ने कहा कि वर्ष 1965 तथा 71 के शरणार्थी परिवारों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक मिलना चाहिए और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले शरणार्थी परिवारों की तर्ज पर अनुसूचित जनजाति का दर्जा भी दिया जाए।
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जम्मू कश्मीर शरणार्थी एक्शन कमेटी के सदस्यों ने केंद्र व जम्मू कश्मीर सरकार से कहा कि लंबित मांगों को पूरा किया जाए । इस दौरान कमेटी के उपाध्यक्ष त्रिलोक सिंह, महासचिव सुरजीत समोत्रा, कोषाध्यक्ष तरसेम सिंह, सुशील सिंह करण सिंह दयाल सिंह मौजूद रहे। संवाद