{"_id":"6752075b17199ce011071e57","slug":"jammu-kashmir-news-samba-news-c-289-1-sjam1009-104478-2024-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: बसंतर दरिया पर चैक डैम का कार्य 22 साल बाद भी नहीं हुआ पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: बसंतर दरिया पर चैक डैम का कार्य 22 साल बाद भी नहीं हुआ पूरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांबा। जिले के कंडी क्षेत्र धलोट में बसंतर दरिया पर 2002 में शुरू हुआ चैक डैम का कार्य 2006 के बाद से अधर में लटका हुआ है। इससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में डैम स्थल पर पानी जमा होने से किसानों की भूमि का कटाव होता है। वहीं, कुछ गावों के लोगों को पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। किसानों ने काम बंद होने के कारणों और सरकारी खजाने को चपत लगाने के मामले की जांच की मांग की है।
स्थानीय निवासी एवं पूर्व नायब सरपंच नरेश शर्मा, बलराम कुंडल, निर्मल चौधरी, अमित शर्मा आदि ने कहा कि उनके क्षेत्र में 2002 में बसंतर दरिया पर चैक डैम का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था। इसके तहत लिफ्ट लगा कर कंडी क्षेत्र के एक दर्जन गावों के किसानों के खेतों में सिंचाई की जानी थी।
किसानों के अनुसार चार वर्ष तक तो निर्माण कार्य चलता रहा, लेकिन वर्ष 2006 में बंद कर दिया गया। डैम का कार्य लोक निर्माण विभाग ने शुरू करवाया था। दो बार चैक डैम की ड्राइंग बदली गई थी। बाद में ठेकेदार ने काम ही बंद कर दिया। इसके चलते आज तक काम अधर में है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि डैम के अधर में लटकने से किसानों कोे नुकसान उठाना पड़ रहा है। जब भी बरसात होती है तो डैम स्थल पर पानी जमा हो जाता है। इससे आसपास की भूमि में कटाव होने लगता है। कुछ गावों के लोगों को पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले की जांच करवाई जाए। जिसकी भी गलती से काम बंद हुआ, उस पर केस दर्ज किया जाए।
कोट
हमे इसकी जानकारी नही है। मामला काफी पुराना है। किसी अन्य एजेंसी ने काम करवाया होगा।
-विजय कुमार, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग सांबा।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी एवं पूर्व नायब सरपंच नरेश शर्मा, बलराम कुंडल, निर्मल चौधरी, अमित शर्मा आदि ने कहा कि उनके क्षेत्र में 2002 में बसंतर दरिया पर चैक डैम का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था। इसके तहत लिफ्ट लगा कर कंडी क्षेत्र के एक दर्जन गावों के किसानों के खेतों में सिंचाई की जानी थी।
विज्ञापन
किसानों के अनुसार चार वर्ष तक तो निर्माण कार्य चलता रहा, लेकिन वर्ष 2006 में बंद कर दिया गया। डैम का कार्य लोक निर्माण विभाग ने शुरू करवाया था। दो बार चैक डैम की ड्राइंग बदली गई थी। बाद में ठेकेदार ने काम ही बंद कर दिया। इसके चलते आज तक काम अधर में है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि डैम के अधर में लटकने से किसानों कोे नुकसान उठाना पड़ रहा है। जब भी बरसात होती है तो डैम स्थल पर पानी जमा हो जाता है। इससे आसपास की भूमि में कटाव होने लगता है। कुछ गावों के लोगों को पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले की जांच करवाई जाए। जिसकी भी गलती से काम बंद हुआ, उस पर केस दर्ज किया जाए।
कोट
हमे इसकी जानकारी नही है। मामला काफी पुराना है। किसी अन्य एजेंसी ने काम करवाया होगा।
-विजय कुमार, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग सांबा।