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Jammu News: ढाई साल पहले ब्लॉक दिवस में किए डीसी के वादे अधूरे, ब्यासपुर परलाह के लोग परेशान
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अरनिया। ढाई साल पूर्व गांव ब्यासपुर परलाह में आयोजित ब्लॉक दिवस कार्यक्रम में तत्कालीन डीसी सचिन कुमार वैश्य की तरफ से किए गए वादे आज भी अधूरे पड़े हैं। इससे ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता तत्कालीन डीसी सचिन कुमार वैश्य ने ग्रामीणों की पुरजोर मांग पर की थी, जहां ग्रामीणों ने गांव में जम्मू कश्मीर बैंक की शाखा खोले जाने, हायर सेकेंडरी स्कूल स्थापित करने, स्वास्थ्य केंद्र के अपग्रेडेशन और एंबुलेंस सेवा शुरू करने की प्रमुख मांगें रखी थीं।
डीसी ने संबंधित विभागों के मुख्य अधिकारियों को फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। बैंक, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गांव का दौरा कर व्यावहार्यता का निरीक्षण किया, लेकिन पिछले ढाई वर्षों से ग्रामीणों को कोई सुविधा नहीं मिली। ग्रामीण निरंतर विभागों के चक्कर काट रहे हैं, पर कोई राहत नहीं।
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ग्रामीणों ने बताया कि इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें दरबदर होना पड़ रहा है। उन्होंने वर्तमान प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीण दर्शन कुंडल ने बताया कि गांव के ब्यासपुर परलाह वेलफेयर संगठन के नेतृत्व में ब्लॉक दिवस का आयोजन हुआ था। कार्यक्रम संगठन ने अपने स्तर पर करवाया था।
गांव में पहली बार किसी डीसी के पहुंचने पर लोग उत्साहित हुए थे, परंतु ब्लॉक दिवस में किए वायदे आज तक मुकम्मल नहीं हो पाए हैं, जिनका ग्रामीणों को आज भी मलाल है। उन्होंने बताया कि निरंतर शिक्षा स्वास्थ्य और बैंक के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं परंतु अधिकारी टाल मटोल कर देते हैं। प्रशासन को मुद्दे पर संज्ञान लेकर ग्रामीणों को सुविधा मुहैया करनी चाहिए।
गांव के पूर्व उप सरपंच राकेश सिंह ने बताया कि डीसी के समक्ष बुनियादी मांगों को रखा था, जिन पर ज्यादा जोर आजमाइश की जरूरत नहीं थी।
कार्यक्रम के बाद विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उन्हें गांव में बैंक की शाखा, हायर सेकेंडरी स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र के लिए सरकारी जमीन भी दिखाई थी, परंतु आज तक किसी सुविधा का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाया है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता तत्कालीन डीसी सचिन कुमार वैश्य ने ग्रामीणों की पुरजोर मांग पर की थी, जहां ग्रामीणों ने गांव में जम्मू कश्मीर बैंक की शाखा खोले जाने, हायर सेकेंडरी स्कूल स्थापित करने, स्वास्थ्य केंद्र के अपग्रेडेशन और एंबुलेंस सेवा शुरू करने की प्रमुख मांगें रखी थीं।
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डीसी ने संबंधित विभागों के मुख्य अधिकारियों को फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। बैंक, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गांव का दौरा कर व्यावहार्यता का निरीक्षण किया, लेकिन पिछले ढाई वर्षों से ग्रामीणों को कोई सुविधा नहीं मिली। ग्रामीण निरंतर विभागों के चक्कर काट रहे हैं, पर कोई राहत नहीं।
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ग्रामीणों ने बताया कि इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें दरबदर होना पड़ रहा है। उन्होंने वर्तमान प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीण दर्शन कुंडल ने बताया कि गांव के ब्यासपुर परलाह वेलफेयर संगठन के नेतृत्व में ब्लॉक दिवस का आयोजन हुआ था। कार्यक्रम संगठन ने अपने स्तर पर करवाया था।
गांव में पहली बार किसी डीसी के पहुंचने पर लोग उत्साहित हुए थे, परंतु ब्लॉक दिवस में किए वायदे आज तक मुकम्मल नहीं हो पाए हैं, जिनका ग्रामीणों को आज भी मलाल है। उन्होंने बताया कि निरंतर शिक्षा स्वास्थ्य और बैंक के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं परंतु अधिकारी टाल मटोल कर देते हैं। प्रशासन को मुद्दे पर संज्ञान लेकर ग्रामीणों को सुविधा मुहैया करनी चाहिए।
गांव के पूर्व उप सरपंच राकेश सिंह ने बताया कि डीसी के समक्ष बुनियादी मांगों को रखा था, जिन पर ज्यादा जोर आजमाइश की जरूरत नहीं थी।
कार्यक्रम के बाद विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उन्हें गांव में बैंक की शाखा, हायर सेकेंडरी स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र के लिए सरकारी जमीन भी दिखाई थी, परंतु आज तक किसी सुविधा का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाया है।