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Jammu News: अरनिया में बारिश से दो पुल क्षतिग्रस्त, 20 गांवों का संपर्क कटा
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अरनिया। पिछले दो दिन हुई जोरदार बारिश के चलते अरनिया क्षेत्र के एक नाले पर बने दो अस्थायी पुल पानी का जलस्तर बढ़ने से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसमें सीमावर्ती गांव तरेबा में एक पुल क्षतिग्रस्त हुआ है। दूसरा लोहे का अस्थायी पुल गांव चक शेरा और अरनिया के बीच मौजूद है।
लोहे का अस्थायी पुल 20 गांवों को अरनिया से जोड़ता है। इसके चलते सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का शॉर्टकट संपर्क मार्ग प्रभावित हो गया है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। उक्त गांव के लोग 5 से 10 मिनट के अंतराल में अरनिया पहुंच जाते हैं। पुल क्षतिग्रस्त होने से लोगों को 30 से 45 मिनट अरनिया पहुंचने में लग रहे हैं। इससे समय की अतिरिक्त बर्बादी के साथ आर्थिक बोझ बढ़ गया है। 20 गांवों के लोगों की रोजाना स्तर पर अरनिया में व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेतीबाड़ी के लिए आवाजाही होती है। इसके चलते लोगों को पुल क्षतिग्रस्त होने से असुविधा हो रही है। लोगों के रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर पानी का जलस्तर कम होने तक क्षतिग्रस्त पुल को बहाल नहीं किया जा सकता है। इसके चलते लोगों को अगले कुछ और दिनों तक लंबा सफर तय करने पर अरनिया पहुंचाना पड़ेगा।
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इस मौके पर अरनिया के व्यापारी कुलदीप राज गुप्ता ने बताया कि लोहे के अस्थायी पुल से ही पिछले कई सालों से लोगों की आवाजाही हो रही है। अरनिया का व्यापार इसी पुल के सहारे चल रहा है। पुल क्षतिग्रस्त होने पर 20 गांवों के लोगों का अरनिया से कट ऑफ हो जाता है। इसके चलते अरनिया का व्यापार बड़े पैमाने पर प्रभावित होता है। पुल क्षतिग्रस्त होने से 20 गांवों के ज्यादातर लोग अन्य शहरों का रुख कर लेते हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग के समक्ष पुल के निर्माण कार्य की अर्जी दी गई है। इस संदर्भ में विधायक और अधिकारियों को समय-समय पर अवगत करवाया जाता रहा है, परंतु अभी तक पुल के निर्माण कार्य को लेकर कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए पुल का निर्माण कार्य जल्द होना चाहिए।
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लोहे का अस्थायी पुल 20 गांवों को अरनिया से जोड़ता है। इसके चलते सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का शॉर्टकट संपर्क मार्ग प्रभावित हो गया है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। उक्त गांव के लोग 5 से 10 मिनट के अंतराल में अरनिया पहुंच जाते हैं। पुल क्षतिग्रस्त होने से लोगों को 30 से 45 मिनट अरनिया पहुंचने में लग रहे हैं। इससे समय की अतिरिक्त बर्बादी के साथ आर्थिक बोझ बढ़ गया है। 20 गांवों के लोगों की रोजाना स्तर पर अरनिया में व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेतीबाड़ी के लिए आवाजाही होती है। इसके चलते लोगों को पुल क्षतिग्रस्त होने से असुविधा हो रही है। लोगों के रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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वहीं दूसरी ओर पानी का जलस्तर कम होने तक क्षतिग्रस्त पुल को बहाल नहीं किया जा सकता है। इसके चलते लोगों को अगले कुछ और दिनों तक लंबा सफर तय करने पर अरनिया पहुंचाना पड़ेगा।
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इस मौके पर अरनिया के व्यापारी कुलदीप राज गुप्ता ने बताया कि लोहे के अस्थायी पुल से ही पिछले कई सालों से लोगों की आवाजाही हो रही है। अरनिया का व्यापार इसी पुल के सहारे चल रहा है। पुल क्षतिग्रस्त होने पर 20 गांवों के लोगों का अरनिया से कट ऑफ हो जाता है। इसके चलते अरनिया का व्यापार बड़े पैमाने पर प्रभावित होता है। पुल क्षतिग्रस्त होने से 20 गांवों के ज्यादातर लोग अन्य शहरों का रुख कर लेते हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग के समक्ष पुल के निर्माण कार्य की अर्जी दी गई है। इस संदर्भ में विधायक और अधिकारियों को समय-समय पर अवगत करवाया जाता रहा है, परंतु अभी तक पुल के निर्माण कार्य को लेकर कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए पुल का निर्माण कार्य जल्द होना चाहिए।