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अच्छे कर्मों के फल से ही राम कथा सुनने का अवसर मिलता है : मोनी जी महाराज
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नौशेरा। ठाकुरद्वारा में श्री राम कथा तीसरे दिन भी जारी रही। इस मौके पर मोनी जी महाराज ने प्रवचन करते हुए संगत को बताया अच्छे कर्मों के फल से ही आपको राम कथा सुनने का अवसर मिलता है। राम कथा सुनने से सारे दुख दूर हो जाते हैं और सुख मिलते हैं। लोगों से अपील करते हुए कहा कि कल की कथा में भगवान राम का जन्म उत्सव मनाया जाएगा।
कथावाचक श्री कृष्ण प्रकाश दास महाराज ने बताया कि भगवान शिव के मना करने पर माता सती प्रभु श्रीराम की परीक्षा लेने वन में गई। सती जी ने सीता का रूप धारण कर राम जी की परीक्षा ली। भगवान राम ने सती को देखकर प्रणाम करते हुए कहा, माता वन में अकेली क्या कर रही हो। मेरे भगवान शिव कहां हैं लेकिन सती भगवान राम की माया से भ्रमित हो गईं और परीक्षा में लेने में विफल रहीं। इसके बाद शिव ने उन्हें सती के रूप में त्याग दिया।
कथावाचक ने कहा कि भगवान का चरित्र अति विचित्र है। फिर भी राम जी लीला करके सीता जी के वियोग में वन में रो रहे हैं। बड़े-बड़े ज्ञानी विद्वान भगवान का पार नहीं पा सकते। राम जी को सीता जी के वियोग में रोता देखकर भगवान शिव उनकी छवि को निहार रहे हैं। भगवान शंकर कह रहे हैं कि जो भक्ति का श्रवण मैंने किया है वह राम जी की भक्ति है। वह ही व्यापक ब्रह्म है, हमें ईष्ट देव से हमारी निष्ठा कैसी होनी चाहिए यह भगवान शंकर से सीखना चाहिए।
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कथावाचक श्री कृष्ण प्रकाश दास महाराज ने बताया कि भगवान शिव के मना करने पर माता सती प्रभु श्रीराम की परीक्षा लेने वन में गई। सती जी ने सीता का रूप धारण कर राम जी की परीक्षा ली। भगवान राम ने सती को देखकर प्रणाम करते हुए कहा, माता वन में अकेली क्या कर रही हो। मेरे भगवान शिव कहां हैं लेकिन सती भगवान राम की माया से भ्रमित हो गईं और परीक्षा में लेने में विफल रहीं। इसके बाद शिव ने उन्हें सती के रूप में त्याग दिया।
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कथावाचक ने कहा कि भगवान का चरित्र अति विचित्र है। फिर भी राम जी लीला करके सीता जी के वियोग में वन में रो रहे हैं। बड़े-बड़े ज्ञानी विद्वान भगवान का पार नहीं पा सकते। राम जी को सीता जी के वियोग में रोता देखकर भगवान शिव उनकी छवि को निहार रहे हैं। भगवान शंकर कह रहे हैं कि जो भक्ति का श्रवण मैंने किया है वह राम जी की भक्ति है। वह ही व्यापक ब्रह्म है, हमें ईष्ट देव से हमारी निष्ठा कैसी होनी चाहिए यह भगवान शंकर से सीखना चाहिए।
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