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किसान फसलों में रसायनों की जगह ऑर्गेनिक खाद का प्रयोग करें : निदेशक
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राजोरी। बागवानी निदेशक गुल सईद शनिवार को सुंदरबनी पहुंचे। उन्होंने सुंदरबनी के साथ लगते पहले गांव पंचायत अपर भजवाल के मोड़ा नढानी में किसान राजेश के बागान तथा कमर्शियल वर्मी कंपोस्ट यूनिट का निरीक्षण किया। निदेशक ने कहा कि किसान धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं। आज जरूरत है कि किसान अपनी फसलों में रसायनों की जगह पर ऑर्गेनिक खाद का प्रयोग करें। इसमें वर्मीवाश, जीवामृत तथा वर्मी कंपोस्ट जैसी खाद का प्रयोग करके हम बीमारियों से भी मुक्त हो सकते हैं और हमारी मिट्टी तथा जमीन भी स्वस्थ बन सकती है।
इस अवसर पर उनके साथ मुख्य बागवानी अधिकारी राजोरी सुशील अंगुराना, बागवानी अधिकारी सुंदरबनी अरुण शर्मा, जिला बागवानी अधिकारी शफकत खान सहित अन्य कई विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
इस अवसर पर सुंदरबनी के साथ लगते गांव भजवाल के मोड़ा नढानी पहुंचने पर भूतपूर्व सरपंच पहलवान यशपाल शर्मा, पहलवान जोगेंद्र सिंह चिंब, सुंदरबनी व्यापार मंडल के प्रधान संगीत शर्मा उर्फ पोमू, ग्रोथ मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसाइटी के प्रधान आचार्य राजेश पराशर, सचिव डॉ. अजय पराशर, बोर्ड आफ डायरेक्टर सुरजीत शर्मा, अनिल चंद, सूरत चंद, हरविंदर कुमार, समिति के सक्रिय सदस्य तथा मार्गदर्शन मंडल के प्रमुख तीर्थराम शर्मा, सरबजीत शर्मा, गोवर्धन लाल तथा दर्जनों की संख्या में अन्य स्थानीय किसान मौजूद रहे।
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उन्होंने निर्देशक बागवानी विभाग जम्मू गुल सैयद का फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय किसानों ने निदेशक बागवानी विभाग को अपनी समस्याएं बताते हुए कहा कि जंगल के साथ लगती जमीन होने के कारण बंदरों का आतंक अक्सर पसरा रहता है। इसके कारण स्थानीय लोग बागवानी संबंधी फसलें अपनी जमीनों में नहीं लगा पा रहे हैं।
व्यापार मंडल के प्रधान संगीत शर्मा ने कहा कि स्थानीय किसानों को एक्सपोजर विजिट के लिए बाहर ले जाया जाए, ताकि स्थानीय किसान विभिन्न बागवानी फसलों के बारे में उन्नत जानकारियां प्राप्त कर सकें। निदेशक बागवानी विभाग गुल सैयद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार की तरफ से एक पोर्टल लांच किया गया। जिस पर आप जिला बागवानी अधिकारी के साथ बातचीत करके आवेदन कर सकते हैं और जंगली जानवरों को भगाने के लिए आपकी जमीन में तारबंदी की व्यवस्था सरकार की तरफ से सब्सिडी पर की जाएगी। इसके साथ-साथ उन्होंने कहा कि स्थानीय किसानों को एक्सपोजर विजिट करने के लिए तुरंत इसका प्रावधान किया जाएगा।
निदेशक बागवानी विभाग गुल सईद ने कहा कि बागवानी विभाग के दरवाजे स्थानीय किसानों के लिए 24 घंटे खुले हैं। विभाग किसानों को बीज से बाजार तक उपलब्ध करवाने के लिए हमेशा तैयार है। जरूरत है कि किसान निकलकर सामने आएं और जिम्मेदारी लेकर बागवानी में निवेश करें। इस अवसर पर उन्होंने युवा किसान राजेश पराशर से मुलाकात की तथा उनसे कई प्रश्न पूछे तथा कमर्शियल वर्मी कंपोस्ट तथा युवा किसान द्वारा लगाए गए गलगल, नींबू तथा मोरिंगा जैसे पौधों के बागान के बारे में विस्तार से जानकारियां हासिल कीं।
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इस अवसर पर उनके साथ मुख्य बागवानी अधिकारी राजोरी सुशील अंगुराना, बागवानी अधिकारी सुंदरबनी अरुण शर्मा, जिला बागवानी अधिकारी शफकत खान सहित अन्य कई विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
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इस अवसर पर सुंदरबनी के साथ लगते गांव भजवाल के मोड़ा नढानी पहुंचने पर भूतपूर्व सरपंच पहलवान यशपाल शर्मा, पहलवान जोगेंद्र सिंह चिंब, सुंदरबनी व्यापार मंडल के प्रधान संगीत शर्मा उर्फ पोमू, ग्रोथ मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसाइटी के प्रधान आचार्य राजेश पराशर, सचिव डॉ. अजय पराशर, बोर्ड आफ डायरेक्टर सुरजीत शर्मा, अनिल चंद, सूरत चंद, हरविंदर कुमार, समिति के सक्रिय सदस्य तथा मार्गदर्शन मंडल के प्रमुख तीर्थराम शर्मा, सरबजीत शर्मा, गोवर्धन लाल तथा दर्जनों की संख्या में अन्य स्थानीय किसान मौजूद रहे।
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उन्होंने निर्देशक बागवानी विभाग जम्मू गुल सैयद का फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय किसानों ने निदेशक बागवानी विभाग को अपनी समस्याएं बताते हुए कहा कि जंगल के साथ लगती जमीन होने के कारण बंदरों का आतंक अक्सर पसरा रहता है। इसके कारण स्थानीय लोग बागवानी संबंधी फसलें अपनी जमीनों में नहीं लगा पा रहे हैं।
व्यापार मंडल के प्रधान संगीत शर्मा ने कहा कि स्थानीय किसानों को एक्सपोजर विजिट के लिए बाहर ले जाया जाए, ताकि स्थानीय किसान विभिन्न बागवानी फसलों के बारे में उन्नत जानकारियां प्राप्त कर सकें। निदेशक बागवानी विभाग गुल सैयद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार की तरफ से एक पोर्टल लांच किया गया। जिस पर आप जिला बागवानी अधिकारी के साथ बातचीत करके आवेदन कर सकते हैं और जंगली जानवरों को भगाने के लिए आपकी जमीन में तारबंदी की व्यवस्था सरकार की तरफ से सब्सिडी पर की जाएगी। इसके साथ-साथ उन्होंने कहा कि स्थानीय किसानों को एक्सपोजर विजिट करने के लिए तुरंत इसका प्रावधान किया जाएगा।
निदेशक बागवानी विभाग गुल सईद ने कहा कि बागवानी विभाग के दरवाजे स्थानीय किसानों के लिए 24 घंटे खुले हैं। विभाग किसानों को बीज से बाजार तक उपलब्ध करवाने के लिए हमेशा तैयार है। जरूरत है कि किसान निकलकर सामने आएं और जिम्मेदारी लेकर बागवानी में निवेश करें। इस अवसर पर उन्होंने युवा किसान राजेश पराशर से मुलाकात की तथा उनसे कई प्रश्न पूछे तथा कमर्शियल वर्मी कंपोस्ट तथा युवा किसान द्वारा लगाए गए गलगल, नींबू तथा मोरिंगा जैसे पौधों के बागान के बारे में विस्तार से जानकारियां हासिल कीं।