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Jammu News: बच्चों के लिए कानूनी सेवा संस्थानों को मजबूत करने पर जोर
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राजोेरी। जम्मू और कश्मीर विधिक सेवा प्राधिकरण (जेकेएलएसए) ने राजोेरी में बाल संरक्षण पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान बच्चों के लिए कानूनी सेवा संस्थानों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
इस कार्यक्रम में विधिक सेवा इकाई (एलएसयूसी), डीएलएसए राजोेरी, पुलिस अधिकारियों, समाज कल्याण विभाग, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) और बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। पहला तकनीकी सत्र सलाहकार सैयद मुजतबा द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने इस पर एक व्यावहारिक प्रस्तुति दी। उन्होंने ऐसे खतरों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और पहुंच बढ़ाने के लिए बाल संरक्षण हितधारकों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।
दूसरे सत्र का नेतृत्व पैनल वकील शौकत अली ने किया। उन्होंने बच्चों के लिए कानूनी सेवा इकाई के तहत बाल-सुलभ कानूनी सेवा योजना 2024 पर चर्चा की। तीसरे सत्र में बाल कल्याण समिति, राजोेरी के सदस्य शहजाद अहमद ने बच्चों के लिए कानूनी सेवा संस्थानों को मजबूत करने के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इसमें अंतर-विभागीय समन्वय और समुदाय-आधारित हस्तक्षेप पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का समापन पैनल चर्चा के साथ हुआ। इसके बाद डीएलएसए राजोेरी की सचिव शमा शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
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उद्घाटन सत्र में बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रोफेसर जावेद इकबाल, डीएलएसए राजोेरी के अध्यक्ष राजेंद्र सप्रू, डीएलएसए राजोेरी की सचिव शमा शर्मा, सहायक आयुक्त राजस्व जहांगीर खान, अतिरिक्त एसपी बिक्रम कुमार, उप एसपी मुख्यालय सतीश कुमार, उप एसपी अक्षय खजूरिया, छात्र डीन बीजीएसबीयू, संयुक्त रजिस्ट्रार एस्टेट, परीक्षा नियंत्रक बीजीएसबीयू और सैयद मुजतबा, सलाहकार मौजूद रहे।
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इस कार्यक्रम में विधिक सेवा इकाई (एलएसयूसी), डीएलएसए राजोेरी, पुलिस अधिकारियों, समाज कल्याण विभाग, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) और बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। पहला तकनीकी सत्र सलाहकार सैयद मुजतबा द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने इस पर एक व्यावहारिक प्रस्तुति दी। उन्होंने ऐसे खतरों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और पहुंच बढ़ाने के लिए बाल संरक्षण हितधारकों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।
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दूसरे सत्र का नेतृत्व पैनल वकील शौकत अली ने किया। उन्होंने बच्चों के लिए कानूनी सेवा इकाई के तहत बाल-सुलभ कानूनी सेवा योजना 2024 पर चर्चा की। तीसरे सत्र में बाल कल्याण समिति, राजोेरी के सदस्य शहजाद अहमद ने बच्चों के लिए कानूनी सेवा संस्थानों को मजबूत करने के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इसमें अंतर-विभागीय समन्वय और समुदाय-आधारित हस्तक्षेप पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का समापन पैनल चर्चा के साथ हुआ। इसके बाद डीएलएसए राजोेरी की सचिव शमा शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
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उद्घाटन सत्र में बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रोफेसर जावेद इकबाल, डीएलएसए राजोेरी के अध्यक्ष राजेंद्र सप्रू, डीएलएसए राजोेरी की सचिव शमा शर्मा, सहायक आयुक्त राजस्व जहांगीर खान, अतिरिक्त एसपी बिक्रम कुमार, उप एसपी मुख्यालय सतीश कुमार, उप एसपी अक्षय खजूरिया, छात्र डीन बीजीएसबीयू, संयुक्त रजिस्ट्रार एस्टेट, परीक्षा नियंत्रक बीजीएसबीयू और सैयद मुजतबा, सलाहकार मौजूद रहे।