{"_id":"6057ae5407b25a44ab27d6c1","slug":"jammu-kashmir-news-life-and-business-is-returning-to-the-tracks-in-the-valley","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन के बाद : मां वैष्णो के दरबार में भक्तों की बयार, कश्मीर भी हुआ गुलजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन के बाद : मां वैष्णो के दरबार में भक्तों की बयार, कश्मीर भी हुआ गुलजार
Mon, 22 Mar 2021 02:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 22 Mar 2021 02:06 AM IST
सार
- लॉकडाउन से निकले जम्मू-कश्मीर में पटरी पर लौटने लगी अर्थव्यवस्था
विज्ञापन
पटरी पर लौटी जिंदगी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जम्मू-कश्मीर में भी लोगों ने पिछले वर्ष 22 मार्च को जनता कर्फ्यू रखा। घरों की छतों से थालियां और घंटियां बजाईं। इसके बाद लॉकडाउन का दौर शुरू हो गया, लेकिन लॉकडाउन से निकलने के बाद जम्मू-कश्मीर ने अर्थव्यवस्था को दोबारा से पटरी पर लाने के अथक प्रयास किए।
विज्ञापन
धार्मिक पर्यटन के तहत मां वैष्णो देवी के भक्तों की संख्या बढ़ी। कश्मीर पर्यटकों से गुलजार होने लगा। उद्योगों में भी कामकाज ने गति पकड़ ली। कुल मिलाकर जम्मू-कश्मीर ने कोरोना को मात देकर पुराने ढर्रे पर विकास की गति को बढ़ाया।
विज्ञापन
देशभर में कोरोना का प्रकोप शुरू होने के बाद पिछले साल 18 मार्च को मां वैष्णो देवी की यात्रा स्थगित कर दी गई। 17 मार्च को 14,816 यात्रियों ने माता के दर पर शीश नवाया। लगभग पांच महीने के बाद 16 अगस्त को दोबारा से यात्रा शुरू की गई। चार महीने अप्रैल, मई, जून और जुलाई में यात्रियों की संख्या शून्य रही। शुरुआत में पांच हजार यात्रियों के साथ दर्शन का सिलसिला शुरू किया गया। इसमें बाहरी राज्यों के मात्र 500 यात्रियों को ही आने की अनुमति थी।
विज्ञापन
दस साल से कम उम्र के बच्चे व 60 साल से अधिक आयु के लोग और गर्भवती महिलाओं के आने पर रोक के साथ यात्रा शुरू की गई थी। धीरे-धीरे भक्तों का आंकड़ा बढ़ता गया। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भी यात्रियों की अधिकतम संख्या में इजाफा करते हुए 25 हजार की लिमिट तय कर दी। 21 मार्च को 17944 श्रद्धालु ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई।
हालांकि, कोरोना ने 2020 में मां वैष्णो देवी की यात्रा पर बुरी तरह से प्रभाव डाला। इस साल यात्रियों की संख्या पिछले साल से 62 लाख घट गई। वर्ष 2019 में 7940064 यात्री पहुंचे थे, जबकि 2020 में 1720357 श्रद्धालु मां वैष्णो दरबार पहुंचे।
कोरोना की वजह से बुरी तरह बेपटरी पर्यटन उद्योग भी धीरे-धीरे अब पटरी पर लौट आया। देश-विदेश के सैलानियों का फिर से घाटी पहुंचना शुरू हो गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर 2020 में 2697, दिसंबर में 13237 और जनवरी 2021 में 19102 पर्यटक कश्मीर घाटी पहुंचे। सरकार की ओर से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख शहरों में रोड शो आयोजित किए जा रहे हैं। पर्यटन सचिव सरमद हफीज का कहना है कि कोरोना काल के बाद पर्यटन को पटरी पर लाने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। उम्मीद है कि गर्मी के महीने में पर्यटन को पंख लगेंगे।
मां वैष्णो देवी यात्रा (2020 व 2021)
जनवरी 512569
फरवरी 396683
मार्च 343482
अप्रैल 00
मई 00
जून 00
जुलाई 00
अगस्त 7253
सितंबर 27427
अक्तूबर 121661
नवंबर 103749
दिसंबर 207533
जनवरी 2021-408061