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Jammu News: छात्राओं को मानसिक चुनौतियों से पार पाने में मिलेगी मदद
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के हाई और हायर सेकेंडरी सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए काउंसलर रखे जाएंगे। छात्राओं को स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य की राह चुनने, शारीरिक व मानसिक चुनौतियों से निपटने में भी काउंसलर मदद करेंगे। समाज कल्याण विभाग की मदद से इन काउंसलर को रखा जाएगा।
स्कूलों में छात्रों को तनाव से बचाने के उद्देश्य से इस पहल को शुरू किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में आज भी लड़कियां आठवीं और दसवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ रही हैं। इसके सामाजिक व आर्थिक दोनों कारण हैं। ऐसे में विभाग अब सरकारी स्कूलों में काउंसलर को रख रहा है ताकि लड़कियों को सामाजिक व आर्थिक चुनौतियों से पार पाने के लिए तैयार किया जाए। इसके लिए तैयारी चल रही है। समाज कल्याण विभाग की मदद से स्कूलों में जल्द काउंसलर की नियुक्तियां शुरू होंगी। इससे बच्चों के शिक्षा स्तर के साथ-साथ आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। इस उद्देश्य के साथ ही इस पहल को शुरू किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में माध्यमिक शिक्षा स्तर पर छात्रों की ड्राॅपआउट दर 2021-22 के दौरान 6.3 प्रतिशत हो गई है। यह 2019-20 में 18.6 प्रतिशत थी जो 2018-19 में 17.7 प्रतिशत थी। स्कूल में काउंसलर नियुक्ति होने से न सिर्फ छात्राओं के ड्रॉपआउट दर बल्कि शिक्षा स्तर में भी सुधार होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव सुरेश गुप्ता ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के साथ स्कूलों में छात्राओं के लिए काउंसलर रखे जाएंगे।
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स्कूलों में छात्रों को तनाव से बचाने के उद्देश्य से इस पहल को शुरू किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में आज भी लड़कियां आठवीं और दसवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ रही हैं। इसके सामाजिक व आर्थिक दोनों कारण हैं। ऐसे में विभाग अब सरकारी स्कूलों में काउंसलर को रख रहा है ताकि लड़कियों को सामाजिक व आर्थिक चुनौतियों से पार पाने के लिए तैयार किया जाए। इसके लिए तैयारी चल रही है। समाज कल्याण विभाग की मदद से स्कूलों में जल्द काउंसलर की नियुक्तियां शुरू होंगी। इससे बच्चों के शिक्षा स्तर के साथ-साथ आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। इस उद्देश्य के साथ ही इस पहल को शुरू किया जा रहा है।
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शिक्षा मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में माध्यमिक शिक्षा स्तर पर छात्रों की ड्राॅपआउट दर 2021-22 के दौरान 6.3 प्रतिशत हो गई है। यह 2019-20 में 18.6 प्रतिशत थी जो 2018-19 में 17.7 प्रतिशत थी। स्कूल में काउंसलर नियुक्ति होने से न सिर्फ छात्राओं के ड्रॉपआउट दर बल्कि शिक्षा स्तर में भी सुधार होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव सुरेश गुप्ता ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के साथ स्कूलों में छात्राओं के लिए काउंसलर रखे जाएंगे।
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