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Jammu News: जेडीए के पूर्व उपाध्यक्ष सहित तीन पर भ्रष्टाचार के आरोप तय
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जम्मू। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक, जम्मू की अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) के पूर्व उपाध्यक्ष विनोद शर्मा के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने जेडीए कार्यालय के जीर्णोद्धार के लिए बिना कोई निविदा जारी किए अपनी चहेती एजेंसी को ठेका दे दिया। मामले में शर्मा के अलावा जेडीए के तत्कालीन कार्यकारी अभियंता अशोक कुमार गंडोत्रा और एस क्यू फर्नीचर वर्क्स के मालिक सैयद सज्जाद अहमद को भी आरोपी बनाया गया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू की थी। जांच में पता लगा कि साल 2011 में विकास भवन, रेल हेड कॉम्प्लेक्स के भूतल पर दो टन के 10 एसी और अन्य विद्युत कार्यों के लिए निविदाएं जारी की गईं। इस प्रक्रिया के दौरान मेसर्स लुमन इंजीनियर्स को कार्य के लिए पात्र पाया गया। जेडीए के तत्कालीन उपाध्यक्ष विनोद शर्मा ने जानबूझ कर सुनियोजित साजिश के तहत जेडीए के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता दिवंगत टी.आर. सरगोत्रा और तत्कालीन अधिशासी अभियंता अशोक गंडोत्रा के साथ मिलकर पात्र फर्म की जगह पर मेसर्स एस क्यू फर्नीचर वर्क्स को लाभ पहुंचाने के लिए 40.83 लाख रुपये के कार्य की मंजूरी दी। बाद में एस क्यू फर्नीचर वर्क्स के काम का दायरा भी बढ़ा दिया गया और कार्यालय के जीर्णोद्धार का काम भी सौंप दिया गया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि एस क्यू फर्नीचर वर्क्स के पास विद्युत कार्य करने का लाइसेंस नहीं था। साथ ही रेल हेड कॉम्प्लेक्स में लगाईं गईं चार एसी भी नियमों को अनुरूप नहीं थीं, फिर भी एस क्यू फर्नीचर वर्क्स को भुगतान कर दिया गया।
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शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने जेडीए कार्यालय के जीर्णोद्धार के लिए बिना कोई निविदा जारी किए अपनी चहेती एजेंसी को ठेका दे दिया। मामले में शर्मा के अलावा जेडीए के तत्कालीन कार्यकारी अभियंता अशोक कुमार गंडोत्रा और एस क्यू फर्नीचर वर्क्स के मालिक सैयद सज्जाद अहमद को भी आरोपी बनाया गया है।
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एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू की थी। जांच में पता लगा कि साल 2011 में विकास भवन, रेल हेड कॉम्प्लेक्स के भूतल पर दो टन के 10 एसी और अन्य विद्युत कार्यों के लिए निविदाएं जारी की गईं। इस प्रक्रिया के दौरान मेसर्स लुमन इंजीनियर्स को कार्य के लिए पात्र पाया गया। जेडीए के तत्कालीन उपाध्यक्ष विनोद शर्मा ने जानबूझ कर सुनियोजित साजिश के तहत जेडीए के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता दिवंगत टी.आर. सरगोत्रा और तत्कालीन अधिशासी अभियंता अशोक गंडोत्रा के साथ मिलकर पात्र फर्म की जगह पर मेसर्स एस क्यू फर्नीचर वर्क्स को लाभ पहुंचाने के लिए 40.83 लाख रुपये के कार्य की मंजूरी दी। बाद में एस क्यू फर्नीचर वर्क्स के काम का दायरा भी बढ़ा दिया गया और कार्यालय के जीर्णोद्धार का काम भी सौंप दिया गया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि एस क्यू फर्नीचर वर्क्स के पास विद्युत कार्य करने का लाइसेंस नहीं था। साथ ही रेल हेड कॉम्प्लेक्स में लगाईं गईं चार एसी भी नियमों को अनुरूप नहीं थीं, फिर भी एस क्यू फर्नीचर वर्क्स को भुगतान कर दिया गया।
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