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Jammu News: ठंड बढ़ने पर दिल को संभाल कर रखिए
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जम्मू। ठंड बढ़ने पर दिल को संभालने की जरूरत है। पारा गिरने के साथ जम्मू-कश्मीर में हार्ट अटैक (हृदय गति रुकने) के मामले बढ़ने लगे हैं। जीएमसी जम्मू में ही प्रतिदिन 8 से 10 ऐसे मामले पहुंच रहे हैं। संभाग के नौ जिलों के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में हृदय विशेषज्ञ न होने के कारण हार्ट अटैक के मामलों में पीड़ितों की जान जा रही है। संभाग के तीन नए मेडिकल कॉलेज भी बिना हृदय विशेषज्ञों के चल रहे हैं। ऐसे स्थानों पर हृदय रोगियों की चिकित्सा देखभाल सामान्य डॉक्टरों के हाथ में ही है।
तापमान में गिरावट पर शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। ऐसे मौसम में सामान्य से अधिक खानपान से शरीर में कैलोस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है, जो शरीर की जरूरी कोशिकाओं में खून की सप्लाई को बाधित करती है। संभाग के राजोरी, पुंछ, डोडा, रामबन, किश्तवाड़, भद्रवाह जैसे पहाड़ी इलाकों में खासतौर पर रात के तापमान में काफी गिरावट आई है। घाटी के गुलमर्ग, पहलगाम, कुपवाड़ा सहित कई जिलों में पारा शून्य से नीचे चल रहा है। मोटापा, तनाव और हाईपरटेंशन भी हार्ट अटैक का कारण बन रहे हैं। संभाग के नौ जिलों में कोई हृदय विशेषज्ञ न होने के कारण पीड़ितों को छोटी-मोटी सर्जरी के लिए भी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग में आना पड़ रहा है। कार्डियोलाजी विभाग में पांच डॉक्टर हैं, लेकिन संभाग के नए मेडिकल कॉलेजों सहित अन्य जिला अस्पतालों में कोई भी हृदय विशेषज्ञ नहीं है। यहां सामान्य फिजिशियन से ही हृदय पीड़ितों को देखा जा रहा है। देश में हर तीसरे व्यस्क में ब्लड प्रेशर की शिकायत मिल रही है, जो कहीं न कहीं हृदय रोगों से जुड़ी है। जीएमसी डोडा के प्रिंसिपल डॉ. नूर अली और जीएमसी कठुआ की प्रिंसिपल डॉ. अंजलि नादिर का कहना है कि उनके यहां कोई हृदय विशेषज्ञ नहीं है, लेकिन इसके लिए मांग की गई है।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा का कहना है कि उनके पास रोजाना हार्ट अटैक के मामले पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मामले उच्च रक्तचाप से जुड़े हुए हैं। खून में चर्बी, चिकनाई बढ़ने, खून की नसें सिकुड़ने, गुर्दे में कोई समस्या आदि से ब्लड प्रेशर की शिकायत होती है। तनावग्रस्त रहने वाले युवा अधिक प्रभावित हैं। युवाओं में हार्ट अटैक के लिए सामान्य तौर पर धूम्रपान, हाईपरटेंशन आदि और महिलाओं में नियमित महावारी में रुकावट आने पर मोटापे से हार्ट अटैक की आशंका होती है।
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बचाव
1. चिकनाई और चर्बी युक्त खाद्य पदार्थों से परहेज करें
2. मीठी चीजों का सेवन कम करें
3. तनाव से बचाव के उपायों को अपनाएं
4. व्यायाम को रोजमर्रा जिंदगी का हिस्सा बनाएं
इससे भी करें बचाव
1. हृदय रोगी चढ़ाई या अधिक चलने से परहेज करें
2. केलोस्ट्रोल बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन न करें
3. तंबाकू और धूम्रपान छोड़े
4. फल-सब्जियां ज्यादा खाएं
5. रोजाना आधा घंटा टहलें, योग और कसरत को अपनाएं
कोट
रक्तचाप, मधुमेह और अस्थमा के मरीज ठंड में विशेष सावधानी बरतें। शरीर में पर्याप्त कपड़े पहनकर ही सुबह के समय बाहर निकलें। नहाने के दौरान गुनगुना पानी पहले पैरों पर डालें और बाद में शरीर के अन्य हिस्सों पर। गाड़े दुग्ध उत्पादों का सेवन करने से परहेज करें। मधुमेह के मरीज खाली पेट न रहें और सुबह के नाश्ते में फल लें।
डॉ. तरण सिंह, पूर्व अधीक्षक आयुर्वेदिक अस्पताल जम्मू
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तापमान में गिरावट पर शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। ऐसे मौसम में सामान्य से अधिक खानपान से शरीर में कैलोस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है, जो शरीर की जरूरी कोशिकाओं में खून की सप्लाई को बाधित करती है। संभाग के राजोरी, पुंछ, डोडा, रामबन, किश्तवाड़, भद्रवाह जैसे पहाड़ी इलाकों में खासतौर पर रात के तापमान में काफी गिरावट आई है। घाटी के गुलमर्ग, पहलगाम, कुपवाड़ा सहित कई जिलों में पारा शून्य से नीचे चल रहा है। मोटापा, तनाव और हाईपरटेंशन भी हार्ट अटैक का कारण बन रहे हैं। संभाग के नौ जिलों में कोई हृदय विशेषज्ञ न होने के कारण पीड़ितों को छोटी-मोटी सर्जरी के लिए भी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग में आना पड़ रहा है। कार्डियोलाजी विभाग में पांच डॉक्टर हैं, लेकिन संभाग के नए मेडिकल कॉलेजों सहित अन्य जिला अस्पतालों में कोई भी हृदय विशेषज्ञ नहीं है। यहां सामान्य फिजिशियन से ही हृदय पीड़ितों को देखा जा रहा है। देश में हर तीसरे व्यस्क में ब्लड प्रेशर की शिकायत मिल रही है, जो कहीं न कहीं हृदय रोगों से जुड़ी है। जीएमसी डोडा के प्रिंसिपल डॉ. नूर अली और जीएमसी कठुआ की प्रिंसिपल डॉ. अंजलि नादिर का कहना है कि उनके यहां कोई हृदय विशेषज्ञ नहीं है, लेकिन इसके लिए मांग की गई है।
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सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा का कहना है कि उनके पास रोजाना हार्ट अटैक के मामले पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मामले उच्च रक्तचाप से जुड़े हुए हैं। खून में चर्बी, चिकनाई बढ़ने, खून की नसें सिकुड़ने, गुर्दे में कोई समस्या आदि से ब्लड प्रेशर की शिकायत होती है। तनावग्रस्त रहने वाले युवा अधिक प्रभावित हैं। युवाओं में हार्ट अटैक के लिए सामान्य तौर पर धूम्रपान, हाईपरटेंशन आदि और महिलाओं में नियमित महावारी में रुकावट आने पर मोटापे से हार्ट अटैक की आशंका होती है।
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बचाव
1. चिकनाई और चर्बी युक्त खाद्य पदार्थों से परहेज करें
2. मीठी चीजों का सेवन कम करें
3. तनाव से बचाव के उपायों को अपनाएं
4. व्यायाम को रोजमर्रा जिंदगी का हिस्सा बनाएं
इससे भी करें बचाव
1. हृदय रोगी चढ़ाई या अधिक चलने से परहेज करें
2. केलोस्ट्रोल बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन न करें
3. तंबाकू और धूम्रपान छोड़े
4. फल-सब्जियां ज्यादा खाएं
5. रोजाना आधा घंटा टहलें, योग और कसरत को अपनाएं
कोट
रक्तचाप, मधुमेह और अस्थमा के मरीज ठंड में विशेष सावधानी बरतें। शरीर में पर्याप्त कपड़े पहनकर ही सुबह के समय बाहर निकलें। नहाने के दौरान गुनगुना पानी पहले पैरों पर डालें और बाद में शरीर के अन्य हिस्सों पर। गाड़े दुग्ध उत्पादों का सेवन करने से परहेज करें। मधुमेह के मरीज खाली पेट न रहें और सुबह के नाश्ते में फल लें।
डॉ. तरण सिंह, पूर्व अधीक्षक आयुर्वेदिक अस्पताल जम्मू