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.लैंगिक समानता और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगे स्कूली बच्चे
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जम्मू। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे लैंगिक समानता, मानसिक स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवनशैली, साइबर सुरक्षा सहित विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूक होंगे। प्रदेश के स्कूलों में स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम चलाया जा रहा है। चार जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया प्रोग्राम अब छह और जिलों में शुरू किया जा रहा है, जिसमें तीन जिले जम्मू संभाग और तीन कश्मीर संभाग से हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय व शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका संचालन जम्मू-कश्मीर शिक्षा बोर्ड का जनसंख्या किशोर शिक्षा सेल कर रहा है। इस प्रोग्राम की शुरूआत चार जिलों से की थी, जिसमें डोडा, किश्तवाड़, बारामुला और कुपवाड़ा शामिल थे। अब छह अन्य जिलों में शुरू किया जा रहा है, जिसमें जम्मू, पुंछ, कठुआ, श्रीनगर, अनंतनाग और बडगाम शामिल हैं। स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर उच्च प्राथमिक विद्यालय से लेकर सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बनाए जाएंगे। इन सेंटर में 11 विषयों पर काम होगा, जिनमें स्वास्थ्य, सामाजिक, सुरक्षा और साइबर सुरक्षा शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता पैदा करना है। विशेष रूप से लड़कियों को मासिक धर्म व अन्य शारीरिक बदलाव के प्रति जागरूक करना है।
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स्कूलों में होगा हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों में शिक्षकों को हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर बनाया जाएगा। इन्हें स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देने और रोगों की रोकथाम के लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा। एंबेसडर हर सप्ताह एक घंटा रोचक गतिविधियां करवाएंगे। इसमें 50 लोगों को राज्य स्तर के संसाधन व्यक्ति के रूप में तैयार किया जाएगा, जो जिला स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। डोडा, किश्तवाड़, बारामुला और कुपवाड़ा में 500 शिक्षकों को हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
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कोट
पहले चार जिलों में हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम शुरू किया गया है। इसका काफी लाभ बच्चों को मिला है। अब छह और जिलों में इस प्रोग्राम को शुरू करने जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य संबंधित जागरूकता पैदा करना है।
-डॉ. यासीर हमीद सरीवाल, संयुक्त निदेशक जेएंडके बोर्ड
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय व शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका संचालन जम्मू-कश्मीर शिक्षा बोर्ड का जनसंख्या किशोर शिक्षा सेल कर रहा है। इस प्रोग्राम की शुरूआत चार जिलों से की थी, जिसमें डोडा, किश्तवाड़, बारामुला और कुपवाड़ा शामिल थे। अब छह अन्य जिलों में शुरू किया जा रहा है, जिसमें जम्मू, पुंछ, कठुआ, श्रीनगर, अनंतनाग और बडगाम शामिल हैं। स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर उच्च प्राथमिक विद्यालय से लेकर सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बनाए जाएंगे। इन सेंटर में 11 विषयों पर काम होगा, जिनमें स्वास्थ्य, सामाजिक, सुरक्षा और साइबर सुरक्षा शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता पैदा करना है। विशेष रूप से लड़कियों को मासिक धर्म व अन्य शारीरिक बदलाव के प्रति जागरूक करना है।
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स्कूलों में होगा हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों में शिक्षकों को हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर बनाया जाएगा। इन्हें स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देने और रोगों की रोकथाम के लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा। एंबेसडर हर सप्ताह एक घंटा रोचक गतिविधियां करवाएंगे। इसमें 50 लोगों को राज्य स्तर के संसाधन व्यक्ति के रूप में तैयार किया जाएगा, जो जिला स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। डोडा, किश्तवाड़, बारामुला और कुपवाड़ा में 500 शिक्षकों को हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
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कोट
पहले चार जिलों में हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम शुरू किया गया है। इसका काफी लाभ बच्चों को मिला है। अब छह और जिलों में इस प्रोग्राम को शुरू करने जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य संबंधित जागरूकता पैदा करना है।
-डॉ. यासीर हमीद सरीवाल, संयुक्त निदेशक जेएंडके बोर्ड