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लक्षित हत्याओं की जांच के लिए घाटी भेजा जाएगा तथ्य-खोज प्रतिनिधिमंडल
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जम्मू। घाटी में कश्मीरी पंडित व अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्याओं की जांच के लिए घाटी में एक तथ्य-खोज प्रतिनिधिमंडल को भेजा जाएगा। यह प्रतिनिधिमंडल घाटी में जमीनी स्थिति का आकलन करेगा। इस बात का फैसला कश्मीरी पंडितों के विभिन्न संगठनों की मंगलवार को आयोजित एक बैठक में लिया गया। बैठक में घाटी में बढ़ती लक्षित हत्याओं पर चिंता व्यक्त की गई और सरकार से इन हत्याओं को रोकने के लिए उचित कार्ययोजना बनाने की भी मांग की।
पनुन कश्मीर, जम्मू-कश्मीर विचार मंच, रूट्स इन कश्मीर, यूथ फॉर पनुन कश्मीर और ग्लोबल कश्मीरी पंडित डिसपोरा के प्रतिनिधिमंडलों की संयुक्त बैठक हुई। इस दौरान घाटी की वर्तमान सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई। अल्पसंख्यक और कश्मीरी पंडितों की लक्षित हत्याओं पर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में पंडितों के पुनर्वास, लक्षित हत्याओं जैसे मामलों को रोकने के लिए विशेष जांच टीमों का गठन करने, नरसंहार रोकथाम विधेयक को लागू करने, कश्मीरी पंडित से संबंधित मामलों की जांच के लिए एक न्यायाधिकरण का गठन करने, पीएम पैकेज के कर्मचारियों को घाटी से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की। शोपियों में हुई लक्षित हत्याएं घाटी में पंडितों की वापसी को बड़ा झटका है। बैठक में कहा कि कश्मीर से विस्थापित हिंदू उन ताकतों के बीच फंस गए हैं जो उनका नरसंहार करना चाहते है।
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पनुन कश्मीर, जम्मू-कश्मीर विचार मंच, रूट्स इन कश्मीर, यूथ फॉर पनुन कश्मीर और ग्लोबल कश्मीरी पंडित डिसपोरा के प्रतिनिधिमंडलों की संयुक्त बैठक हुई। इस दौरान घाटी की वर्तमान सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई। अल्पसंख्यक और कश्मीरी पंडितों की लक्षित हत्याओं पर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में पंडितों के पुनर्वास, लक्षित हत्याओं जैसे मामलों को रोकने के लिए विशेष जांच टीमों का गठन करने, नरसंहार रोकथाम विधेयक को लागू करने, कश्मीरी पंडित से संबंधित मामलों की जांच के लिए एक न्यायाधिकरण का गठन करने, पीएम पैकेज के कर्मचारियों को घाटी से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की। शोपियों में हुई लक्षित हत्याएं घाटी में पंडितों की वापसी को बड़ा झटका है। बैठक में कहा कि कश्मीर से विस्थापित हिंदू उन ताकतों के बीच फंस गए हैं जो उनका नरसंहार करना चाहते है।
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