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शहरी क्षेत्रों में चौबीस घंटे जलापूर्ति दें : मुख्य सचिव
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जम्मू। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने आवास व शहरी विकास विभाग को जम्मू कश्मीर के शहरी क्षेत्रों में चौबीस घंटे गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति प्रदान करने पर जोर दिया है। उन्होंने यूटी वाटर एक्शन प्लान को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी देते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के साथ यह प्रदेश के प्रत्येक घर में कार्यात्मक नल का पानी कनेक्शन मुहैया करने के लक्ष्य को पूरा करेगा।
मुख्य सचिव ने मंगलवार को अमृत 2.0 की यूटी स्तरीय संचालन समिति की बैठक में कहा कि गुणवत्ता मानकों को ध्यान में रखते हुए सभी शहरी परिवारों को पेयजल उपलब्ध करवाने पर काम किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय नीति के तहत अनिवार्य रूप से सभी घरों में प्रत्येक व्यक्ति न्यूनतम 135 लीटर प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध होना चाहिए। जलस्रोतों को बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य में टिकाऊ बनाने पर काम किया जाना चाहिए। इसके लिए वैज्ञानिक उपाय किए जाएं, जिसमें चारों और पेड़ों की संख्या बढ़ाई जाए। शहरी क्षेत्रों में बेहतर प्रबंधन के लिए सीवेज/सेप्टेज योजना बनाई जाए। उन्होंने औद्योगिक व गैर घरेलू उपयोगों के लिए पानी के पुनर्चक्रण के लिए सुझाव दिया। आम जनता की जागरूकता के लिए मजबूत आईईसी योजना तैयार की जाए। बताया गया कि अमृत 2.0 के तहत करीब 2.25 लाख नल कनेक्शन दिए जाएंगे और 4 लाख से अधिक कनेक्शन जोड़े जाएंगे। इसी प्रकार स्रोत जल की लगभग 310 एमएलडी मात्रा में वृद्धि की जाएगी। विभाग शहरी क्षेत्रों में लगभग 73000 सीवेज कनेक्शन प्रदान करने और अमृत 2.0 के तहत 54 सीवेज उपचार संयंत्रों को जोड़ने/बढ़ाने जा रहा है।
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मुख्य सचिव ने मंगलवार को अमृत 2.0 की यूटी स्तरीय संचालन समिति की बैठक में कहा कि गुणवत्ता मानकों को ध्यान में रखते हुए सभी शहरी परिवारों को पेयजल उपलब्ध करवाने पर काम किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय नीति के तहत अनिवार्य रूप से सभी घरों में प्रत्येक व्यक्ति न्यूनतम 135 लीटर प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध होना चाहिए। जलस्रोतों को बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य में टिकाऊ बनाने पर काम किया जाना चाहिए। इसके लिए वैज्ञानिक उपाय किए जाएं, जिसमें चारों और पेड़ों की संख्या बढ़ाई जाए। शहरी क्षेत्रों में बेहतर प्रबंधन के लिए सीवेज/सेप्टेज योजना बनाई जाए। उन्होंने औद्योगिक व गैर घरेलू उपयोगों के लिए पानी के पुनर्चक्रण के लिए सुझाव दिया। आम जनता की जागरूकता के लिए मजबूत आईईसी योजना तैयार की जाए। बताया गया कि अमृत 2.0 के तहत करीब 2.25 लाख नल कनेक्शन दिए जाएंगे और 4 लाख से अधिक कनेक्शन जोड़े जाएंगे। इसी प्रकार स्रोत जल की लगभग 310 एमएलडी मात्रा में वृद्धि की जाएगी। विभाग शहरी क्षेत्रों में लगभग 73000 सीवेज कनेक्शन प्रदान करने और अमृत 2.0 के तहत 54 सीवेज उपचार संयंत्रों को जोड़ने/बढ़ाने जा रहा है।
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