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जम्मू संभाग में लकड़ी आधारित उद्योग की 32 नई इकाइयां खुलेंगी
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जम्मू। जम्मू संभाग में लकड़ी आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इकाइयों का दायरा बढ़ाया जा रहा है। संभाग के विभिन्न जिलों में 32 नई इकाइयां खोली जा रही हैं, जिससे कुल इकाइयों की संख्या बढ़कर 433 हो जाएगी। नई इकाइयों में कठुआ, सांबा, बिलावर, उधमपुर और जम्मू के लिए 14, राजोरी, रियासी, पुंछ के लिए 7 और रामबन व डोडा जिलों के लिए 11 इकाइयां खोली जाएंगी। इन उद्योगों की स्थापना से संभाग में स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। शुक्रवार को हुई 10वीं एसएलसी (राज्य स्तरीय समिति) की बैठक में 36 लकड़ी आधारित उद्योग इकाइयों के प्रस्तावों में से 32 को मंजूरी दी गई।
वन भवन जम्मू में एसएलसी बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एचओएफएफ) डॉ. मोहित गेरा ने बताया कि 2022 के एसओ 321 के प्रावधानों के तहत लकड़ी आधारित उद्योगों की स्थापना की जा रही है। इन उद्योगों की स्थापना के लिए लाइसेंस जारी करने की मंजूरी से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ जम्मू संभाग में स्थानीय रोजगार पैदा होगा। उन्होंने किसानों की आय सृजन में बढ़ोतरी के लिए तेजी से बढ़ने वाली गुणवत्तीय पेड़ प्रजातियों को लगाने पर जोर दिया। कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई नई पहल शुरू की हैं। लड़की आधारित उद्योग (स्थापना व विनियमन) नियम के रूप में अधिसूचित लकड़ी आधारित उद्योगों और फर्नीचर इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही सरलीकृत प्रक्रिया है। फर्नीचर इकाइयों के लिए केवल एक बार पंजीकरण की व्यवस्था की गई है और इसके लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। लकड़ी आधारित उद्योगों के लिए लाइसेंस का नवीनीकरण दो साल के बजाय पांच साल की अवधि के लिए होगा। यह फैसला लिया गया कि इकाई धारकों व अन्य हितधारकों के साथ वन और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के बीच निरंतर बैठकें और विचार विमश होगा।
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वन भवन जम्मू में एसएलसी बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एचओएफएफ) डॉ. मोहित गेरा ने बताया कि 2022 के एसओ 321 के प्रावधानों के तहत लकड़ी आधारित उद्योगों की स्थापना की जा रही है। इन उद्योगों की स्थापना के लिए लाइसेंस जारी करने की मंजूरी से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ जम्मू संभाग में स्थानीय रोजगार पैदा होगा। उन्होंने किसानों की आय सृजन में बढ़ोतरी के लिए तेजी से बढ़ने वाली गुणवत्तीय पेड़ प्रजातियों को लगाने पर जोर दिया। कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई नई पहल शुरू की हैं। लड़की आधारित उद्योग (स्थापना व विनियमन) नियम के रूप में अधिसूचित लकड़ी आधारित उद्योगों और फर्नीचर इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही सरलीकृत प्रक्रिया है। फर्नीचर इकाइयों के लिए केवल एक बार पंजीकरण की व्यवस्था की गई है और इसके लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। लकड़ी आधारित उद्योगों के लिए लाइसेंस का नवीनीकरण दो साल के बजाय पांच साल की अवधि के लिए होगा। यह फैसला लिया गया कि इकाई धारकों व अन्य हितधारकों के साथ वन और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के बीच निरंतर बैठकें और विचार विमश होगा।
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