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जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट: डल झील को छोड़कर जल स्रोतों में विकास कार्यों को मंजूरी, पर्यावरण के अनुकूल योजनाएं बना
Sat, 17 Sep 2022 01:36 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Sat, 17 Sep 2022 01:36 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने श्रीनगर की डल झील को छोड़कर प्रदेश के अन्य जल स्रोतों के मध्यवर्ती क्षेत्रों में विकास की मंजूरी दे दी है। बशर्ते स्थायी प्रकृति का कोई नया निर्माण नहीं होगा। हालांकि मौजूदा मरम्मत कार्य, नवीनीकरण या पुनर्निर्माण में विकास किया जा सकता है।
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dal lake
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
श्रीनगर की डल झील को छोड़कर प्रदेश के अन्य जल स्रोतों के मध्यवर्ती क्षेत्रों में विकास की मंजूरी दे दी गई है। बशर्ते स्थायी प्रकृति का कोई नया निर्माण नहीं होगा। हालांकि मौजूदा मरम्मत कार्य, नवीनीकरण या पुनर्निर्माण में विकास किया जा सकता है। अस्थायी प्रकृति की संरचनाएं स्थापित की जा सकती हैं, जिसमें टैंट लगाना, खोखे तैयार करना, तैरते हुए घाट या अन्य ऐसी संरचनाएं जिन्हें आसपास के क्षेत्रों को नुकसान न पहुंचे।
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इस मामले से जुड़ी याचिका पर शुक्रवार को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश पुनीत गुप्ता की खंडपीठ ने सुनवाई की। इससे पहले दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। खंडपीठ ने महसूस किया कि पिछले 20 वर्षों में उपलब्ध सामग्री के संदर्भ में और पर्यावरण के अनुकूल संरचनाओं को स्थापित करने के लिए तकनीकों के संदर्भ में कई प्रगति की गई हैं जो क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने के बजाय विकास को बढ़ा सकते हैं।
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इस तरह के उपायों से न केवल ऐसे क्षेत्रों में आजीविका पर्यटन और पारिस्थितिक संरक्षण के बीच एक स्थायी संतुलन आया है बल्कि स्थानीय निवासियों की समृद्धि में भी वृद्धि हुई है। जल स्रोतों के बीच मनोरंजन पार्क, एक्वेरियम और स्विमिंग पूल बनाए जा सकते हैं, लेकिन स्थायी रूप से नहीं।
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इसे देखते हुए ऐसे आवेदनों पर विचार करते समय प्राधिकरण को ऐसी परियोजनाओं पर ध्यान देना चाहिए और उचित शर्तें लागू करनी चाहिए ताकि गतिविधियों में बाधा न आए या झीलों/जल निकायों के रखरखाव के संबंध में इस न्यायालय द्वारा पारित पूर्व के आदेशों में हस्तक्षेप न हो।
दूसरी ओर आवासीय परियोजनाओं के प्रस्ताव, वैकल्पिक परियोजनाएं जैसे कैंपिंग रिसॉर्ट्स में टेंट का समान, वन क्षेत्रों में नियोजित और अस्थायी प्रकृति वाले होटल या आवासीय इकाइयां, पानी के खेल केंद्रों के लिए अस्थायी जेट, पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन आदि को विकसित किया जा सकता है, लेकिन इससे आसपास रहने वाले लोगों को हानि नहीं हो।