{"_id":"62bcb4e781d82c3ca23c7e6e","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-city-news-jmu2629625184","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी संग्रह बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी संग्रह बढ़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में किए गए आर्थिक सुधारों से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर का जीएसटी संग्रह 23.77 प्रतिशत बढ़कर 11163 करोड़ रुपये हो गया है। आबकारी संग्रह 30 प्रतिशत बढ़कर 1760 करोड़, स्टांप शुल्क 56 प्रतिशत बढ़कर 425 करोड़, बिक्री कर 25 प्रतिशत बढ़कर 1829 करोड़ और गैर कर राजस्व 38 प्रतिशत बढ़कर 5632 करोड़ रुपये हो गया है। वर्ष 2021-22 में प्रदेश में कुल कर संग्रह में 25.33 प्रतिशत की वृद्धि के साथ कर संग्रह बढ़कर 15179 करोड़ रुपये हो गया है।
उपराज्यपाल बुधवार को श्रीनगर में जी सलाम कान्क्लेव उभरता जम्मू कश्मीर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का विकास जम्मू या श्रीनगर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूरदराज के गांव पल्ली में भी दिख रहा है। आदिवासी परिवारों के कल्याण के लिए उचित कदम उठाए गए हैं। शासन में पारदर्शिता को बढ़ाया गया। उभरते जम्मू-कश्मीर में एक भयमुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था है। पिछले वित्तीय वर्ष में 51 हजार परियोजनाओं को रिकार्ड रूप में पूरा किया गया। आज जम्मू कश्मीर में 6 के बजाय प्रतिदिन 21 किमी सड़क बन रही है। जम्मू से कश्मीर तक यात्रा समय को कम किया गया है। अगले चार साल में बिजली उत्पादन से जम्मू कश्मीर इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव लाया गया है। जम्मू कश्मीर को 52155 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
विज्ञापन
उपराज्यपाल बुधवार को श्रीनगर में जी सलाम कान्क्लेव उभरता जम्मू कश्मीर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का विकास जम्मू या श्रीनगर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूरदराज के गांव पल्ली में भी दिख रहा है। आदिवासी परिवारों के कल्याण के लिए उचित कदम उठाए गए हैं। शासन में पारदर्शिता को बढ़ाया गया। उभरते जम्मू-कश्मीर में एक भयमुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था है। पिछले वित्तीय वर्ष में 51 हजार परियोजनाओं को रिकार्ड रूप में पूरा किया गया। आज जम्मू कश्मीर में 6 के बजाय प्रतिदिन 21 किमी सड़क बन रही है। जम्मू से कश्मीर तक यात्रा समय को कम किया गया है। अगले चार साल में बिजली उत्पादन से जम्मू कश्मीर इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव लाया गया है। जम्मू कश्मीर को 52155 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
विज्ञापन